देश में मानसून की सक्रियता अभी बनी हुई है. 18 सितंबर, शुक्रवार को पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को जारी अपने ताजा मौसम बुलेटिन में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है. कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. हालांकि, इसी बीच मानसून की वापसी की शुरुआत भी होने वाली है. IMD के मुताबिक, 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो सकती है.
बंगाल, सिक्किम और बिहार में भारी बारिश
18 सितंबर को पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों के कई इलाकों में बारिश का असर देखने को मिलेगा. मौसम विभाग के मुताबिक, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और ओडिशा में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. राजस्थान के पूर्वी हिस्से में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है. इन क्षेत्रों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं.
दक्षिण भारत में भी जमकर बरसेगा पानी
दक्षिण भारत और आसपास के द्वीपीय इलाकों में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है. IMD ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में भारी बारिश की संभावना जताई है. इन इलाकों में कुछ जगहों पर तेज बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव जैसी स्थिति भी बन सकती है. लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
5 राज्यों में आंधी-तूफान और तेज हवाएं
बारिश के साथ देश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना है. IMD के मुताबिक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. इन इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. वहीं केरल में बारिश के बावजूद दिनभर गर्मी और उमस परेशान कर सकती है. यहां मौसम गर्म और काफी नम रहने का अनुमान है.
सौराष्ट्र के पास बना लो-प्रेशर सिस्टम
देश में बारिश की सक्रियता के पीछे कई मौसमी सिस्टम काम कर रहे हैं. इस समय सौराष्ट्र और उससे लगे अरब सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके अलावा उत्तर और पूर्वी मैदानी इलाकों में मानसून की ट्रफ भी सक्रिय है. यही सिस्टम समुद्र से नमी को देश के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं. इसके चलते कई राज्यों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है.
19 सितंबर के आसपास बनेगा नया सिस्टम
मानसून को एक और मजबूती मिलने के संकेत हैं. दक्षिण-पूर्व एशिया की ओर से एक ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर अंडमान सागर की तरफ बढ़ रहा है. IMD के अनुसार, इसके प्रभाव से 19 सितंबर के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है. आगे चलकर इसके मजबूत होने और ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की संभावना है. इस सिस्टम के बनने के बाद पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं.
राजस्थान से शुरू होगी मानसून की वापसी
एक तरफ देश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहेगी, वहीं दूसरी तरफ मानसून की विदाई का दौर भी शुरू होने वाला है. IMD के मुताबिक, 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून वापस लौटना शुरू कर सकता है. यह उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम के बदलते दौर का संकेत होगा. हालांकि, देश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश जारी रहने की संभावना है.
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