शेयर बाजार में पैसा कमाने की चाह में कई लोग फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वॉट्सऐप ग्रुप के जाल में फंस जाते हैं. ठग ज्यादा मुनाफे और पक्के रिटर्न का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये ठग लेते हैं. शुरुआत में ऐप पर मुनाफा दिखता है, लेकिन पैसे निकालने की कोशिश करने पर नई फीस मांगी जाती है या खाता बंद कर दिया जाता है. अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो जानें कि समय रहते किन जरूरी कदमों को उठाकर आप नुकसान की भरपाई के चांस बढ़ा सकते हैं.
कैसे होती है फर्जी ट्रेडिंग ऐप से ठगी?
इस तरह की ठगी में लोगों को वॉट्सऐप या टेलिग्राम ग्रुप में जोड़ा जाता है. वहां खुद को शेयर बाजार का एक्सपर्ट बताने वाले लोग निवेश की सलाह देते हैं. वे ज्यादा मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाकर भरोसा जीतते हैं. इसके बाद एक फर्जी ऐप डाउनलोड करने और उसमें पैसे जमा करने को कहा जाता है.
ऐप पर निवेश की रकम बढ़ती हुई दिखाई देती है. लेकिन यह मुनाफा केवल दिखावा होता है. जब निवेशक पैसे निकालना चाहता है, तो ठग टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या दूसरी रकम जमा करने की मांग करते हैं. साथ ही ऐसा करने के बाद न मुनाफा मिलता है और न लगाई रकम.
बैंक को भी दी दें जल्द जानकारी
ठगी होने पर अपने बैंक या UPI ऐप की हेल्पलाइन से कॉन्टैक्ट करें. उन्हें लेनदेन की पूरी जानकारी दें और पैसे वापस पाने के लिए शिकायत दर्ज कराएं. साथ ही ठगों के कहने पर दोबारा पैसे न भेजें.
1930 पर करें शिकायत
अगर आपके साथ ऑनलाइन पैसों की ठगी हुई है, तो सबसे पहले 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर कॉल करें. आप यहां कॉल कर शिकायत कर सकते हैं. जल्दी सूचना मिलने पर संबंधित बैंक खाते में पैसे रोकने की कोशिश की जा सकती है. लेकिन पैसे वापस मिलने की गारंटी नहीं होती.
साथ ही सरकारी वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जाकर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज करें. शिकायत के साथ ट्रांजैक्शन आईडी, भुगतान की रसीद, बैंक खाते की जानकारी और ठगी से जुड़े स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें. साथ ही वॉट्सऐप चैट, ठगों के फोन नंबर, ऐप का नाम, वेबसाइट का लिंक और पैसे मांगने वाले संदेशों को सुरक्षित रखें. ये सबूत जांच में मदद कर सकते हैं.