धनबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरु नानक कॉलेज के पास भूदा मुख्य मार्ग पर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक ऐसी फैक्ट्री का खुलासा किया, जहां कथित तौर पर नकली नमक की पैकिंग कर उसे बाजार में सप्लाई किया जा रहा था. मौके से भारी मात्रा में पैकिंग सामग्री, तैयार पैकेट और अन्य सामान बरामद किया गया. पुलिस की कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. यह पता लगाया जा रहा है कि कथित नकली नमक का कारोबार कब से चल रहा था, इसकी सप्लाई किन-किन इलाकों में की जा रही थी और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं. बरामद सामान को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. कथित तौर पर बड़े ब्रांड के नाम पर नकली उत्पाद बेचने का यह मामला उपभोक्ताओं की सेहत और भरोसे, दोनों पर सवाल खड़ा करता है. अब जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
कैसे बनता है नकली नमक
आमतौर पर नकली नमक बनाने वाले बड़े ब्रांड जैसे दिखने वाले पैकेट और रैपर तैयार कर उनमें सस्ता या घटिया गुणवत्ता वाला नमक भर देते हैं. इसके बाद इन्हें असली ब्रांड बताकर बाजार में ऊंचे दाम पर बेच दिया जाता है. कई बार ऐसे नमक में जरूरत जितनी मात्रा में आयोडीन भी नहीं होता, जिससे सेहत पर कई तरीके से असर पड़ सकता है.
असली और नकली नमक की पहचान ऐसे करें
1. पैकेट की प्रिंटिंग ध्यान से देखें
असली नमक के पैकेट पर प्रिंटिंग साफ, शार्प और बिना धुंधलेपन की होती है. अगर पैकेट पर रंग हमेशा से अलग या फीका दिखे, स्पेलिंग गलत हो या प्रिंट टेढ़ा-मेढ़ा लगे तो सावधान हो जाएं. ये नकली पैकेट है और इसमें का नमक भी घटिया है.
2. FSSAI लाइसेंस और पैकिंग डिटेल जरूर पढ़ें
खरीदने से पहले पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माता का नाम, बैच नंबर, पैकिंग और एक्सपायरी डेट जरूर देखें. अधूरी या संदिग्ध जानकारी वाले पैकेट खरीदने से बचें.
3. नमक के दानों पर नजर डालें
अच्छी गुणवत्ता वाले आयोडीन युक्त नमक के दाने लगभग एक जैसे और सफेद दिखाई देते हैं. अगर नमक में जरूरत से ज्यादा धूल, मिट्टी, गंदगी या अलग-अलग आकार के दाने दिखें तो उसे खरीदने से बचें.
4. हमेशा भरोसेमंद दुकान से ही खरीदें
बहुत सस्ता या बिना पहचान वाले पैकेट का नमक लेने से बचें. हमेशा विश्वसनीय दुकानों या अधिकृत विक्रेताओं से ही नमक खरीदें, ताकि नकली उत्पाद मिलने की संभावना कम रहे.
5. आयोडीन की जांच भी कर सकते हैं
अगर शक हो तो बाजार में मिलने वाली आयोडीन टेस्ट किट से नमक की जांच की जा सकती है. आयोडीन की सही मात्रा वाला नमक ही रोजाना इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है, क्योंकि यह शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है.
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