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Kota: दिवाली के मौके पर राज्य की अनोखी पहल, घरों के साथ जगमगाएंगे स्कूल भी.. शिक्षा के मंदिर का हो रहा सौंदर्यकरण

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली बार दीपोत्सव मनाया जाएगा. इस मौके पर दीयों की रोशनी से स्कूल भवन जगमगाएंगे.

Education Minister
gnttv.com
  • कोटा,
  • 11 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 3:55 PM IST

राजस्थान के इतिहास में पहली बार इस दीपावली पर प्रदेश के सरकारी स्कूल भी रोशनी से जगमगाएंगे. अब तक जहां स्कूल भवन दिवाली पर अंधेरे में रहते थे, वहीं इस बार शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की पहल पर इन विद्यालयों में दीपोत्सव मनाने की परंपरा शुरू की जा रही है.

शिक्षा मंत्री ने कोटा में घोषणा करते हुए कहा कि सरस्वती माता का वास स्कूलों में होता है, इसलिए इस बार वहां अंधेरा नहीं रहेगा. बच्चों और अभिभावकों के साथ स्कूल परिवार मिलकर दीपक जलाएंगे, जिससे हर स्कूल ज्ञान और प्रकाश का प्रतीक बनेगा.

65 हजार सरकारी स्कूलों में शुरू हुआ अभियान
राजस्थान के 65 हजार सरकारी स्कूलों में शुक्रवार से सौंदर्याकरण और कायाकल्प अभियान शुरू कर दिया गया है. इस अभियान के तहत 17 अक्टूबर तक सभी स्कूलों में रंग-रोगन और मरम्मत का काम पूरा किया जाएगा. भवनों की पेंटिंग नई होगी ताकि स्कूल आकर्षक और साफ-सुथरे दिखें. इसके बाद 18 अक्टूबर से दीवाली तक स्कूलों में भारत निर्मित लाइटिंग और दीप सजावट की जाएगी.

दीप जलाएंगे बच्चे, शिक्षक और अभिभावक
इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूल और समुदाय के बीच अपनापन बढ़ाना है. शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि 
दिवाली की शाम को स्कूल में शिक्षक, विद्यार्थी और पेरेंट्स मिलकर दीप जलाएं. दीपों की रोशनी से स्कूल भवनों में ज्ञान और प्रकाश का संदेश फैले. इस कार्यक्रम पर स्कूल विकास कोष से 15 हजार से 2 लाख रुपए तक खर्च किए जा सकेंगे. खर्च की निगरानी के लिए शिक्षा विभाग ने टीमों का गठन भी किया है.

एक जैसे रंगों में नज़र आएंगे स्कूल भवन
मदन दिलावर ने बताया कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूल अब दो समान रंगों में रंगे जाएंगे ताकि सभी स्कूलों में एकरूपता दिखाई दे. यानी की सभी स्कूलों को एक जैसे रंगों के साथ रंगा जाएगा.

सभी स्कूलों में एक जैसा ड्रेसकोड लागू करने की तैयारी
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार अब सरकारी और निजी स्कूलों में एक जैसा ड्रेसकोड लागू करने की दिशा में काम कर रही है. इस नियम के तहत सभी स्कूलों की यूनिफॉर्म का रंग एक जैसा होगा. इससे सरकारी और निजी स्कूलों के बीच समरूपता और समानता दिखाई देगी.

मदन दिलावर ने कहा कि हम चाहते हैं कि सभी बच्चे एक जैसी पहचान के साथ शिक्षा के मंदिर में आएं. इससे भेदभाव कम होगा और एकता की भावना बढ़ेगी.

शिक्षा से जुड़े उत्सव का नया अध्याय
राजस्थान के शिक्षा जगत में यह फैसला एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है. जहां अब तक स्कूल केवल पढ़ाई के केंद्र के रूप में देखे जाते थे, वहीं अब वे संस्कृति, परंपरा और सामूहिकता के प्रतीक बनेंगे. इस दिवाली, जब हर घर में दीपक जलेगा तो वहीं सरकारी स्कूल भी पहली बार उजाले में नहाएंगे, और बच्चों के साथ ज्ञान की ज्योति चारों ओर फैलेगी.

-चेतन गुर्जर की रिपोर्ट

 

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