इटावा के ऊसराहार थाना क्षेत्र के ग्राम नगला जलाल में विद्युत केबल डालने को लेकर मामूली विवाद में फायरिंग हो गई. मामले में आरोपी की दबंगई और दहशत का खौफनाक मंजर सामने आया है. दरअसल आरोपी ने सबसे पहले अपने पड़ोस में रहने वाले चाचा चरण सिंह (55) को गोली मार दी. गोली लगने के बाद पीड़ित को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें वहां पहुंचाने में देरी हो गई. जिसके कारण ज्यादा खून बह जाने की उनकी मौत हो गई.
परिजनों का कहना है कि चरण सिंह के पैर में गोली लगी थी. उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए एक पिकअप की मदद ली गई. पिकअप कुछ ही दूरी पर पहुंचा थी कि आरोपी दबंगाई दिखाने दोबारा आ धमका. आरोपी राजा वहां बाइक से पहुंचा और पिकअप गाड़ी पर ताबड़तोड़ कई राउंड फायरिंग कर दी.
गोलियों की आवाज सुन पिकअप गाड़ी में बैठे परिजन चीखने-पुकारने लगे. आरोपी खुलेआम अपने साथ असलहा लहराता रहा. आरोपी की दहशत देख सभी लोग गाड़ी छोड़कर जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग गए. इसके बीच घायल चरण सिंह पिकअप में ही पड़ा तड़पता रहा.
करीब 30 मिनट तक परिजन डर के मारे मौके पर नहीं पहुंचे. जिसके बाद ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर आरोपी को घेरने की कोशिश की. ग्रामीणों को देख आरोपी फायरिंग करते हुए बाइक छोड़कर खेतों की ओर भाग निकला. जिसके बाद परिजन घायल को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसई नावर लेकर पहुंचे. जहां डॉक्टरों ने पीड़ित की गंभीर हालत देख उसे सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही चरण सिंह ने दम तोड़ दिया.
परिजनों का आरोप है कि अगर समय पर इलाज मिल जाता तो चरण सिंह की जान बच सकती थी. पैर में गोली लगने के बाद लगातार खून बहता रहा और देरी घातक बन गई. घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है.
एसपी ग्रामीण श्रीशचंद ने बताया कि थाना ऊसराहार देर शाम ग्राम नगला जलाल में पारिवारिक विवाद के चलते पड़ोस में रहने वाले भतीजे ने चाचा को गोली मार दी, जिनकी मौत हो गई. मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए खेतों और जंगलों में लगातार दबिश दी जा रही है, जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा.