असम में विधानसभा चुनाव से शुरू होने से पहले 'पंचायत आजतक' का बिगुल बज चुका है. इस स्टेज पर राजनीति के अखाड़े के पहलवान आ रहे हैं और अपने राजनीतिक दांव-पेंच के बारे में बता रहे हैं, कि कैसे वह सामने वाले को चित करेंगे. इस कार्यक्रम में अनेक पार्टियों के दिग्गज हिस्सा लें रहे हैं. आज के कार्यक्रम में कांग्रेस के पवन खेड़ा ने मंच संभाला है. उन्होंने कांग्रेस पार्टी की असम में रणनीति को लेकर बाते साझा की. साथ ही भाजपा को भी आड़े हाथो लिया.
जनता चाहती है बदलाव
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम की राजनीति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस की टीम का नेतृत्व गौरव गोगोई कर रहे हैं और वे असम की जनता की ओर से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ चुनावी मुकाबला कर रहे हैं. खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस और जनता दोनों ही राज्य की सरकार में बदलाव चाहते हैं.
भाजपा वादाखिलाफी का दूसरा नाम
भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को 'जन आशीर्वाद यात्रा' निकालने के बजाय 'माफी यात्रा' निकालनी चाहिए थी. उनके अनुसार भाजपा ने असम के लोगों से कई वादे किए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया. उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी समुदाय को अब तक अनुसूचित जनजाति का दर्जा नहीं दिया जाना सरकार की वादाखिलाफी का एक बड़ा उदाहरण है.
सुधरी सड़कों की तस्वीर, लेकिन केवल फोटो में
खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार ने विकास के नाम पर केवल प्रचार किया है. उनका कहना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से सड़कों की तस्वीरें दिखाकर विकास का दावा किया गया और करीब 500 करोड़ रुपए केवल प्रचार पर खर्च कर दिए गए, जबकि वास्तविक विकास कार्यों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया.
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सरकार ने कोई ठोस काम नहीं किया. अब जब चुनाव नजदीक आ गए हैं तो महिलाओं के खातों में 9 हजार रुपए भेजे जा रहे हैं. इस पर तंज कसते हुए उन्होंने इसे ऐसे छात्र से तुलना की, जो पूरे साल पढ़ाई नहीं करता और परीक्षा के समय अचानक सिलेबस देखने लगता है.