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PPP योजना के तहत दिल्ली सहित भारत के 16 स्टेशनों को दिया जाएगा नया रंग-रूप...जानिए क्या कुछ बढ़ जाएंगी सुविधाएं

भारतीय रेलवे पीपीपी योजना के तहत 16 स्टेशनों को नया रंग-रूप देने की कोशिश कर रहा है. सुधार के लिए पुणे, कोयंबटूर, बैंगलोर सिटी, बड़ौदा, भोपाल और चेन्नई सेंट्रल की पहचान की गई है. इन 16 स्टेशनों की बोली मूल्य 10,000 करोड़ रुपये से अधिक होगा.

Revamp Railway Station (Representative Image)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 07 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 12:55 PM IST
  • 16 स्टेशनों का होगा निर्माण
  • नहीं लगेगा कोई अतिरिक्त शुल्क

नई दिल्ली, सीएसटी मुंबई और अहमदाबाद स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए 'इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण' मार्ग पर जाने के बाद भारतीय रेलवे 16 स्टेशनों को अपग्रेड करने के लिए अपनी सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) योजना पर वापस जाना चाहता है. इसमें आनंद विहार सहित निजामुद्दीन, पुरानी दिल्ली, विजयवाड़ा, दादर और कल्याण स्टेशन हैं. इस चरण में सुधार के लिए पुणे, कोयंबटूर, बैंगलोर सिटी, बड़ौदा, भोपाल और चेन्नई सेंट्रल की भी पहचान की गई है. इनमें से कई स्टेशन काफी सालों से पुनर्विकास योजना पर हैं.

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा,“हम पीपीपी के लिए विकल्प तलाश रहे हैं जहां यह व्यवहार्य और लागत प्रभावी है. टेंडर दस्तावेजों के विवरण पर काम किया जा रहा है और निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए विभिन्न मुद्रीकरण मॉडल पर विचार किया जा रहा है.”

16 स्टेशनों का होगा निर्माण
सूत्रों ने कहा कि इन 16 स्टेशनों की बोली मूल्य 10,000 करोड़ रुपये से अधिक होगा. इन इच्छुक लोगों में कई  रियल एस्टेट प्लेयर्स भी शामिल हैं. रेलवे 'इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण' (ईपीसी) मार्ग दोनों के लिए आगे बढ़ रहा है. इसके लिए सरकार पूरी परियोजना लागत, और परियोजनाओं की व्यवहार्यता को देखते हुए 200 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) करती है.

नहीं लगेगा कोई अतिरिक्त शुल्क
पिछले हफ्ते, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीपीपी के बजाय नई दिल्ली, मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के मुंबई और अहमदाबाद स्टेशनों पर ईपीसी मोड के तहत पुनर्विकास को मंजूरी दी थी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि सरकार यात्रियों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं चाहती है और इसलिए ईपीसी पर अधिक परियोजनाएं शुरू कर रही है.मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने कहा, पीपीपी के तहत पुनर्विकास के लिए चिन्हित स्टेशनों के मामले में भी रेलवे यात्रियों पर कोई अतिरिक्त उपयोगकर्ता शुल्क या स्टेशन विकास शुल्क नहीं लगाएगा क्योंकि निजी निवेशक अपनी पूरी निवेश राशि वसूल कर सकेंगे.

क्या होंगी सुविधाएं?
रेलवे मंत्री अश्विन वैष्णव ने पिछले हफ्ते ये जानकारी दी थी कि EPC मोड के तहत 47 रेलवे स्टेशनों के लिए टेंडरिंग प्रोसेस पूरा हो चुका है और 32 स्टेशनों पर फिजिकल वर्क चालू हो गया है.इसके अलावा स्टेशन पुनर्विकास के लिए नया मॉडल वर्टिकल ग्रोथ और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्थित प्लेटफार्मों और स्टेशनों पर खुली जगह का उपयोग करने पर ध्यान केंद्रित करेगा. इस जगह में बने 'रूफ प्लाजा' में वेटिंग लाउंज, फूड कोर्ट, रिटेल और यहां तक ​​कि बच्चों के लिए खेलने की जगह सहित सुविधाएं होंगी.

 

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