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Viral Lady Auto Driver: सोशल मीडिया पर छाई महिला चालक, कहा 'बर्तन मांजने से अच्छा है ऑटो चलाना'

बेंगलुरु की एक महिला ऑटो चालक इन दिनों सोशल मीडिया पर अपनी आत्मनिर्भर सोच के कारण जबरदस्त चर्चा में हैं. उन्होंने बेहद गर्व से कहा कि 'दूसरों के घरों में बर्तन मांजने से कहीं बेहतर सम्मान के साथ ऑटो चलाना है.'

बेंगलुरु महिला ऑटो चालक
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:26 AM IST

आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और अब वे उन कामों में भी आगे बढ़ रही हैं, जिन्हें कभी सिर्फ पुरुषों का पेशा माना जाता था. इसी बीच बेंगलुरु की एक महिला ऑटो चालक इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं. उनकी कही एक साधारण-सी बात ने हजारों लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. महिला का कहना है कि 'बर्तन मांजने से अच्छा है ऑटो चलाना', क्योंकि इससे उन्हें अपनी मर्जी से काम करने और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलता है.

एक ऑटो सफर से शुरू हुई वायरल कहानी
इस कहानी को सोशल मीडिया तक पहुंचाने का काम अमेजन में काम करने वाली श्रेयाशी सिन्हा ने किया. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने महिला ऑटो चालक से हुई बातचीत का जिक्र किया. श्रेयाशी के मुताबिक, जब उन्होंने ऑटो बुक किया तो एक महिला चालक उन्हें लेने पहुंचीं. उस दौरान उनके फोन में कुछ तकनीकी दिक्कत थी, इसलिए उन्होंने रास्ता समझाने में मदद मांगी. इसी सफर के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई.

'मुझे आजादी चाहिए थी', महिला ने बताई वजह
बातचीत के दौरान श्रेयाशी ने महिला से पूछा कि उन्होंने ऑटो चलाने का काम क्यों चुना. इस सवाल के जवाब में महिला ने बेहद सहज अंदाज में कहा कि घर-घर जाकर बर्तन साफ करने से बेहतर उन्हें ऑटो चलाना लगता है. उनका कहना था कि इस काम में उन्हें घूमने का मौका मिलता है, समय की ज्यादा पाबंदी नहीं होती और वे अपनी सुविधा के हिसाब से काम कर सकती हैं.

महिला ने यह भी कहा कि वह ऐसा काम करना चाहती थीं, जहां उन्हें दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े और अपनी मेहनत से खुद की पहचान बना सकें. उनका साफ मानना है कि काम कोई छोटा-बड़ा नहीं होता, बस उसमें सम्मान और आत्मनिर्भरता होनी चाहिए.

सोशल मीडिया पर जमकर मिल रही तारीफ
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने महिला की जमकर तारीफ की. कई यूजर्स ने कहा कि यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वतंत्रता की मिसाल है. कुछ लोगों ने लिखा कि महिला का आत्मविश्वास किसी मोटिवेशनल स्पीकर से कम नहीं है, जबकि कई लोगों ने उनकी सोच को प्रेरणादायक बताया.

श्रेयाशी सिन्हा ने भी अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्हें उन महिलाओं पर गर्व है, जो अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेती हैं और ऐसे काम चुनती हैं जो उन्हें सम्मान और स्वतंत्रता देते हैं.

महिलाओं की बदलती सोच की मिसाल
बेंगलुरु की इस महिला ऑटो चालक की कहानी ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि आज की महिलाएं सिर्फ घर की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं. वे अपने दम पर पहचान बनाना चाहती हैं और अपने फैसले खुद लेना चाहती हैं. इस महिला की कहानी अब कई लोगों के लिए प्रेरणा बनती जा रही है, क्योंकि उन्होंने यह साबित किया कि अगर सोच मजबूत हो, तो हर रास्ता अपने लिए बनाया जा सकता है.
 

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