RSS Chief Mohan Bhagwat (File Photo: PTI)
RSS Chief Mohan Bhagwat (File Photo: PTI)
उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाला है. इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत तीन दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे हैं. संघ प्रमुख लखनऊ में हैं लेकिन कोई सियासी हलचल नहीं है. वह 200 से ज्यादा स्वयंसेवकों के साथ प्रशिक्षण अभ्यास वर्ग में विचारों की घुट्टी पिलाने में जुटे हैं. कोई सियासी मुलाकात या कार्यक्रम नहीं है. आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत संघ शिक्षा अभ्यास वर्ग प्रथम के लिए तीन दिनों तक लखनऊ में प्रवास पर रहेंगे.
संघ शिक्षा वर्ग के लिए है यह भागवत की यात्रा
विधानसभा चुनाव से पहले संघ प्रमुख के लखनऊ दौरे के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. मोहन भागवत के अचानक लखनऊ पहुंचने से सियासी तपिश बढ़ी है क्योंकि अब उत्तर प्रदेश के संगठन के नाम का ऐलान होना है लेकिन आरएसएस प्रमुख की यह यात्रा शुद्ध रूप से संघ शिक्षा वर्ग के लिए है, जिसे अब कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग प्रथम के नाम से जाना जाता है. उत्तर प्रदेश संघक्षेत्र के चार प्रांतों के 200 से ज्यादा स्वयंसेवक इस वक्त संघ के निराला नगर मुख्यालय में हैं, जहां संघ का कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग चल रहा है. संघ प्रमुख की इस यात्रा का पूरा फोकस इन कार्यकर्ताओं के अलग-अलग बैठकों पर है, जहां संघ का प्रशिक्षण वर्ग चल रहा है. आरएसएस के सबसे महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविरों में यह शिविर सबसे अहम माना जाता है. पहले जो द्वितीय वर्ष प्रशिक्षण शिविर था, अब वह नए नाम से कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग प्रथम बन गया है. इसमें काशी, अवध, गोरक्ष और प्रयाग प्रांत के 200 से ज्यादा स्वयंसेवक प्रशिक्षण ले रहे हैं.
एक भी कार्यक्रम राजनीति से जुड़ा हुआ नहीं
मोहन भागवत के कार्यक्रमों में एक भी कार्यक्रम राजनीति से जुड़ा हुआ नहीं है और न ही किसी पार्टी या सियासी व्यक्ति से उनकी कोई मुलाकात होनी है. यही नहीं कोई सार्वजनिक कार्यक्रम भी संघ प्रमुख के नहीं है क्योंकि वह शुद्ध रूप से आरएसएस के कार्यकर्ता अभ्यास पर प्रथम के लिए आए हैं और वही पूरी तरीके से केंद्रित हैं. संघ कार्यकर्ताओं के शारीरिक प्रशिक्षण के चार घंटे का सत्र है, जिसमें संघ प्रमुख नियमित रूप से मौजूद होते हैं. इसके अलावा संघ के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी के साथ उनकी अलग-अलग बैठकें और बौद्धिक हो रहे हैं. लखनऊ के अलावा उन्नाव में इस वक्त संघ का प्रथम वर्ष शिविर चल रहा है. वहां की शिविर पर भी संघ प्रमुख की नजर है.
सियासी चर्चाओं का दौर है जारी
मोहन भागवत के लखनऊ प्रवास के दौरान सियासी चर्चाओं का दौर जारी है कि चुनाव के पहले संघ प्रमुख कि यह यात्रा सियासी फीडबैक को लेकर है लेकिन संघ ने अपने प्रेस रिलीज के जरिए यह साफ कर दिया है कि संघ प्रमुख सिर्फ आरएसएस के सबसे अहम प्रशिक्षण वर्ग के लिए आए हैं और कोई भी दूसरा कार्यक्रम नहीं है. लखनऊ में होने के बावजूद संघ प्रमुख की कोई भी मुलाकात न तो मुख्यमंत्री योगी और न ही दोनों डिप्टी सीएम या फिर भाजपा के किसी बड़े नेता से होगी. बुधवार को संघ प्रमुख लखनऊ से रवाना हो जाएंगे.