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Jaipur Janmashtami 2026: जयपुर के गुप्त वृन्दावन धाम में सजेगी कृष्ण नगरी, 4 सितंबर को 1.5 लाख श्रद्धालु करेंगे दर्शन

जयपुर के गुप्त वृन्दावन धाम में 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी महाउत्सव आयोजित होगा. 1.5 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना के बीच 4 विशेष महाभिषेक, 108 भोग, हेरिटेज फेस्ट और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

Jaipur Janmashtami 2026
रिदम जैन
  • जयपुर,
  • 03 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:58 AM IST

जयपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों में तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच गई हैं. 4 सितंबर को नंदलाल के प्राकट्य उत्सव के लिए गुप्त वृन्दावन धाम को भी विशेष रूप से सजाया जा रहा है. मंदिर परिसर रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक झांकियों से सजेगा. जन्माष्टमी के दिन यहां भक्ति, संगीत और सांस्कृतिक आयोजनों का संगम देखने को मिलेगा.

गुप्त वृन्दावन धाम में इस बार जन्माष्टमी पर करीब डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. उत्सव की शुरुआत सुबह मंगला आरती के साथ होगी, जबकि रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के साथ महाआरती होगी. इसी के साथ पूरा परिसर कृष्ण भक्ति और जयकारों से गूंज उठेगा.

चार अभिषेक और 108 भोग होंगे खास आकर्षण
जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के चार विशेष अभिषेक आयोजित किए जाएंगे. सुबह 6:30 बजे, 11 बजे, शाम 4:30 बजे और रात 10 बजे पंचामृत से विशेष महाभिषेक होगा. इसके साथ भगवान को 108 प्रकार के विशेष व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा. श्रद्धालुओं के लिए लड्डू गोपाल दुग्ध अभिषेक और झूलन सेवा भी आयोजित होगी. पूरे दिन मंदिर परिसर में हरिनाम संकीर्तन, हरे कृष्ण महामंत्र का जाप और कृष्ण भजनों की गूंज सुनाई देगी. वहीं, भव्य फूल बंगले और विशेष श्रृंगार के जरिए भगवान के बाल स्वरूप और कृष्ण लीला की झलक भी देखने को मिलेगी.

बच्चों के लिए भी होंगे खास आयोजन
जन्माष्टमी के उत्सव में बच्चों और परिवारों की भागीदारी बढ़ाने के लिए Heritage Fest के तहत विशेष सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. बच्चों और अभिभावकों के लिए श्री राधा-कृष्ण श्रृंगार और वात्सल्य पर आधारित कार्यक्रम होंगे. इन आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और श्रीकृष्ण की परंपराओं से जोड़ने की कोशिश की जाएगी.

डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और सुविधा के इंतजाम
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर परिसर में विशेष दर्शन पंक्तियां, बैरिकेडिंग, पार्किंग, पेयजल, प्रसाद और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है. प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर और CCTV कैमरों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी. श्रद्धालुओं को सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा. इसके अलावा चिकित्सा और आपातकालीन व्यवस्थाएं भी उपलब्ध रहेंगी.
 

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