जयपुर में मंगलवार रात करीब 1 बजे वैशाली नगर की एक रिहायशी बिल्डिंग में अचानक आग भड़क उठी. तीसरी मंजिल धुएं से भर गई, चीख-पुकार मच गई और सात लोगों की सांसें मानो थम सी गईं लेकिन इसी बीच पुलिसकर्मियों ने ऐसा साहस दिखाया कि हर कोई उनकी बहादुरी को सलाम कर रहा है.
पुलिसकर्मियों ने नहीं की अपनी जान की परवाह
सिरसी रोड स्थित मुस्कान रेजिडेंसी की तीसरी मंजिल पर एक फ्लैट में आग लगने के बाद धुआं पूरे फ्लोर में फैल गया. आग की चपेट में आए फ्लैट के साथ पड़ोसी फ्लैट में मौजूद लोग भी फंस गए. हालात इतने भयावह थे कि सीढ़ियों से नीचे उतरना भी मुश्किल हो गया. सूचना मिलते ही वैशाली नगर थाने की चेतक गाड़ी कुछ ही देर में पहुंच गई. आग के बीच सीढ़ियां धुएं से अटी पड़ी थीं, लेकिन पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना तीसरी मंजिल तक पहुंचने का फैसला किया.
सात लोगों की बचाई जान
तीसरी मंजिल पर एक फ्लैट में 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला यशोदा जांगिड़ धुएं के बीच फंसी हुई थीं. तभी कांस्टेबल सुरेश शेखावत ने बिना देर किए बुजुर्ग महिला को अपनी गोद में उठाया और धुएं से भरी सीढ़ियों से तीन मंजिल नीचे सुरक्षित बाहर ले आए. इसके बाद उन्होंने बाकी लोगों का हाथ पकड़कर एक-एक कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला. इस पूरी घटना में कुल सात लोगों की जान बचाई गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस कुछ मिनट और देर से पहुंचती, तो बड़ा हादसा हो सकता था.
बहादुरी को हो रही चर्चा
पुलिस ने दमकल विभाग को भी सूचना दी, जिसके बाद आग पर काबू पाया गया. शुरुआती जानकारी के अनुसार जिस फ्लैट में आग लगी, वहां गेस्ट हाउस संचालित होने की बात सामने आई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. इस घटना में सबसे बड़ी तस्वीर बहादुर पुलिसकर्मियों की रही, जिन्होंने वर्दी का फर्ज निभाते हुए इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की कि पूरा जयपुर उनकी बहादुरी की चर्चा कर रहा है.