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MBBS में मिल जाए दिव्यांग कोटा इसलिए काट लिया खुद का पंजा, पुलिस को गुमराह करता रहा, प्रेमिका ने खोली पोल

घटना के बारे में जानकारी देते हुए सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि जिस समय सूरज द्वारा मारपीट की बात की जा रही थी उसे समय टावर में अन्य कोई मोबाइल फोन नहीं शो कर रहा था. अन्य इलेक्ट्रानिक साक्ष्य के आधार पर भी यह चीज सामने आ रही थी की मारपीट नहीं हुई है.

Fake assault case
gnttv.com
  • जौनपुर,
  • 23 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:30 PM IST
  • मारपीट की दी थी झूठी जानकारी
  • पुलिस को गुमराह करता रहा

उत्तर प्रदेश के जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र का रहने वाला सूरज भास्कर नीट की तैयारी कर रहा था. उसने लक्ष्य बनाया था कि 2026 में किसी भी हाल में उसे एमबीबीएस में एडमिशन लेना है. सूरज ने ऐसी कहानी रची की पुलिस भी गुमराह हो गई. उसने बताया कि गुरुवार की रात कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और जब वह सो कर उठा तो उसके बाएं पैर का पंजा नहीं था. 

सूरज के बयान के आधार पर पुलिस ने दो अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी. पुलिस ने जांच के दौरान जब सूरज से बयान लेना शुरू किया तो सूरज बार-बार बयान बदलने और भरमाने की कोशिश करने लगा. बार-बार बयान बदलने के कारण पुलिस को शक हुआ.

एमबीबीएस में एडमिशन लेना चाहता था सूरज
सर्विलांस के जरिए पुलिस ने सूरज की कॉल डिटेल निकलवाई. पता चला कि सूरज की एक प्रेमिका है जिससे वह शादी करना चाहता है. पुलिस ने प्रेमिका को पूछताछ के लिए थाने पर बुलाया. प्रेमिका द्वारा बताया गया कि सूरज किसी भी हाल में 2026 में एमबीबीएस में एडमिशन लेना चाहता है.

दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने के लिए रची साजिश
अक्टूबर महीने में सूरज वाराणसी के BHU गया था. वहां उसने दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने की कोशिश की लेकिन दिव्यांग ना होने के कारण सूरज का सर्टिफिकेट नहीं बन सका. सूरज ने फिर खुद को दिव्यांग बनाने का फैसला कर लिया.

मारपीट की दी थी झूठी जानकारी
घटना के बारे में जानकारी देते हुए सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि जिस समय सूरज द्वारा मारपीट की बात की जा रही थी उसे समय टावर में अन्य कोई मोबाइल फोन नहीं शो कर रहा था. अन्य इलेक्ट्रानिक साक्ष्य के आधार पर भी यह चीज सामने आ रही थी की मारपीट नहीं हुई है. पुलिस ने जब आसपास नेमार दिन मकान और खेत में खोजबीन की तो खेत से कुछ इंजेक्शन बरामद हुए. पुलिस का दावा है कि यह इंजेक्शन एनेस्थीसिया से जुड़े हुए हैं.

ग्राइंडर से काट लिया खुद का पंजा
सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि सूरज ने अपने पैर का पंजा खुद ही काटा था. दर्द से बचने के लिए सूरज ने खुद ही इंजेक्शन लगाया और फिर ग्राइंडर से पंजा काट लिया. इसके बाद पुलिस में मारपीट की रिपोर्ट करवाई. शुरुआती ईलाज के लिए पुलिस सूरज को जिला अस्पताल ले गई थी. बाद में बेहतर इलाज के लिए उसको ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था. पुलिस का कहना है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सूरज का बयान दर्ज किया जाएगा और आगे की कार्रवाई होगी.

 

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