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वर्दी वाला गांव: झारखंड के इस गांव के हर घर से कोई न कोई बेटा है देश की सेवा में नियुक्त, 150 से ज्यादा लोग अलग-अलग पदों पर

झारखंड के हजारीबाग से 10 किलोमीटर की दूरी पर इचाक प्रखंड का एक गांव है भूसाई. 80 से 100 घर वाले इस गांव की खासियत यह है कि यहां हर घर से कोई न कोई वर्दीधारी है. यानी गांव के हर घर से कम से कम एक और अधिक से अधिक 6 व्यक्ति सेना, अर्ध सैनिक बल, सीआरपीएफ, सीआईएसफ, राज्य पुलिस या रेलवे पुलिस जैसी जगहों में अपनी सेवा दे रहे हैं.

gnttv.com
  • हजारीबाग ,
  • 25 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 8:55 AM IST
  • गांव के 150 व्यक्ति हैं वर्दीधारी
  • हर घर से देश की सेवा में समर्पित हैं बेटे

झारखंड के हजारीबाग से 10 किलोमीटर की दूरी पर इचाक प्रखंड का एक गांव है भूसाई. 80 से 100 घर वाले इस गांव की खासियत यह है कि यहां हर घर से कोई न कोई वर्दीधारी है. यानी गांव के हर घर से कम से कम एक और अधिक से अधिक 6 व्यक्ति सेना, अर्ध सैनिक बल, सीआरपीएफ, सीआईएसफ, राज्य पुलिस या रेलवे पुलिस जैसी जगहों में अपनी सेवा दे रहे हैं. 

आज इस गांव की तीसरी पीढ़ी देश सेवा में जा चुकी है और बहुत से लोग सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं. इसलिए इस गांव को वर्दी वाला गांव कहा जाता है. 

देश के लिए शहीद हुए हैं गांव के बेटे:  

गांव में युवाओं को अफसर बनाने के लिए पूरे गांव में मुहिम चलती रहती है. हर कोई युवाओं को प्रेरित करता रहता है. युवा भी सुबह शाम कसरत करते हैं और एक्सरसाइज करते हैं. गांव के कई बेटों ने देश के लिए अपनी जान भी दी है. 

गांव के एक जवान ने कश्मीर के अनंतनाग में देश के लिए जान दी. वहीं बिहार पुलिस में तैनात इस गांव के एक इंस्पेक्टर की मौत ड्यूटी के दौरान हुई थी. 

150 से ज्यादा लोग हैं देश की सेवा में नियुक्त: 

इस पूरे गांव से लगभग 150 से अधिक लोग देश के विभिन्न पदों पर नियुक्त हैं. इस गांव के लोगों को वर्दीधारी देख दूसरे गांव भी प्रेरित हो रहे हैं और अब भूसाई के आसपास के गांव के भी युवा सेना या अन्य पुलिस सेवा में जाना चाहते हैं. वे इस गांव के युवाओं से टिप्स लेते हैं और प्रयासरत रहते हैं कि किसी तरह वह भी देश सेवा में चले जाएं. 

(बिस्मय अलंकार की रिपोर्ट)

 

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