Advertisement

देश का इकलौता गांव जहां लगता है संतान मेला, हर साल भरती है सैकड़ों दंपति की गोद, सालों से चल रही है परंपरा

मध्य-प्रदेश के खरगोन में एक ऐसा गांव है जहां संतान मेला लगता है. देशभर की सुहागिनें अपनी सुनी गोद भरने के लिए यहां पहुंचती हैं. संत बोन्दरू बाबा के समाधिस्थल पर मिलता है कच्ची कैरी का अद्भुत प्रसाद.

इस गांव में लगता है संतान मेला
gnttv.com
  • खरगोन,
  • 22 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 10:20 AM IST
  • देश का पहला ऐसा गांव जहां लगता है संतान मेला
  • घूंघट में मिलता है कैरी वाला अद्भुत पान

देशभर में मनोरंजन, खेलकूद और विभिन्न प्रदर्शनियों के मेले लगते हैं लेकिन देश का पहला ऐसा गांव जहां लगता है संतान मेला. मध्य प्रदेश में खरगोन जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर नागझिरी में संतान प्राप्ति के लिए अद्भुत मेला लगता है. 250 साल पुराने बोन्दरू बाबा के समाधि स्थल पर लगने वाले मेले में देशभर से दंपत्ति पहुंचते हैं.

संत बोन्दरू बाबा ने 1790 में जीवित समाधि ली थी. बाबा नागझिरी गांव में अपनी मां के साथ पहुंचे थे. मां के समाधिस्थल के पास ही उन्होंने जीवित समाधि ली थी. इसके बाद श्रद्धालुओ ने बाबा का मंदिर बनवाया और यहीं से शुरू हुआ संतान मेला. शनिवार को नागझिरी में बोन्दरू बाबा का मेला लगा. साल में एक बार लगने वाले इस मेले में देशभर से श्रद्धालु दंपति पहुंचे. 

घूंघट में मिलता है कैरी वाला अद्भुत पान
नि:संतान दंपत्ति मंदिर में ऑनलाइन पंजीयन कराकर पहुंचते हैं. साल में एक बार लगने वाले मेले में विभिन्न साधनों से दंपत्ति पहुंचते हैं. इस बार एक दिन में 400 से अधिक महिलाओं का पंजीयन हुआ था. इन महिलाओं को मंदिर में 40- 40 की संख्या में बुलाया गया. पान में कपूर जलाकर बाबा को चढ़ाई गई कच्ची कैरी प्रसाद के रूप में घूंघट में दी गई. 

आमतौर पर, आम का मौसम जून माह में खत्म हो जाता है और कच्चा आम जून माह के बाद कहीं नहीं मिलता. लेकिन अगस्त में लगने वाले बोन्दरू बाबा के मेले में कई श्रद्धालु ऐसे भी पहुंचते हैं, जो आस-पास के गांव से बाबा को चढ़ाने के लिए कच्ची कैरी लाते हैं. यही कच्चा आम संतान प्राप्ति का प्रसाद होता हैय इस मौसम में कच्चा आम मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है. 

मन्नत पूरी होने पर लोग करते हैं तुला दान
मंदिर के पुजारी जगन महाराज ने बताया संत 1790 में बाबा ने जीवित समाधि ली थी. इसके बाद से यहां प्रतिवर्ष संतान मेला लगता है. संतान मेले में पंजाब, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र सहित कई प्रांतों के दंपत्ति पहुंचते हैं. जो लोग जगह-जगह इलाज करा कर थक जाते हैं और हार कर बाबा के दरबार में आते हैं और कच्ची केरी की प्रसादी लेते हैं, उन्हें संतान की प्राप्ति होती है. यह बाबा का चमत्कार है.जबसे बाबा ने समाधि ली सबसे यह महिमा चल रही है. मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धालु तुला दान करने आते हैं. 

लोग अपनी मन्नत पूरी होने के बाद आभार जताने भी पहुंचते हैं. मेले में खरगोन नगर पालिका के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष भोलू कर्मा अपनी मन्नत पूरी होने पर परिवार सहित तुला दान के लिए पहुंचे हुए थे. वहीं, एक रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी की बेटी भी संतान होने पर तुला दान करने के लिए आई थी. यहां दिल्ली, नयापुरा, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सहित देशभर के दंपत्ति संतान प्राप्ति की उम्मीद लेकर पहुंचे. 

(उमेश रेवलिया की रिपोर्ट)

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement