मेहनत, जुनून और लगातार संघर्ष के दम पर कोटा के युवा कराटे खिलाड़ी अनुराग मीणा ने एक बार फिर शहर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. साधारण परिवार से आने वाले अनुराग ने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के बल पर कराटे की दुनिया में खास पहचान बनाई है. हाल ही में भोपाल की एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में 20 से 24 अप्रैल तक आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कराटे टूर्नामेंट में अनुराग ने 69 किलो भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया. इस उपलब्धि के बाद अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स में देश के लिए पदक जीतना है.
मेडिकल स्टोर पर काम करते हैं पिता
अनुराग एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता निजी मेडिकल स्टोर पर काम करते हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने अनुराग के सपनों को कभी रुकने नहीं दिया. आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच अनुराग ने लगातार अभ्यास जारी रखा और आज वे कोटा के उभरते हुए कराटे खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं.
ताइक्वांडो से शुरू हुआ सफर, कराटे में बनाई पहचान
अनुराग ने अपने खेल करियर की शुरुआत ताइक्वांडो से की थी. शुरुआती दिनों में वे इसी खेल में अभ्यास करते थे, लेकिन सीनियर खिलाड़ियों को कराटे खेलते देखकर उनकी रुचि इस खेल की ओर बढ़ी. इसके बाद उन्होंने कराटे को ही अपना लक्ष्य बना लिया और लगातार मेहनत शुरू कर दी. उनकी मेहनत का पहला बड़ा परिणाम साल 2018 में सामने आया, जब उन्होंने जिला स्तरीय चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर अपने मेडल सफर की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.
4 इंटरनेशनल गोल्ड सहित 11 मेडल जीत चुके अनुराग
कम उम्र में ही अनुराग ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं. अब तक वे कुल 11 मेडल जीत चुके हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल भी शामिल हैं. उन्होंने वर्ष 2019 में लखनऊ में आयोजित इंटरनेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता. इसके बाद 2022 में नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड अपने नाम किया. दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया.
स्कूल गेम्स और स्टेट लेवल पर भी दिखाया दम
अनुराग ने केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि स्कूल और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी लगातार शानदार प्रदर्शन किया है. नेशनल स्कूली गेम्स 2024 में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि स्कूली गेम्स 2022 में जिला स्तर पर गोल्ड और राज्य स्तर पर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. इसके अलावा स्टेट ओपन कैटेगरी में भी वे दो बार गोल्ड और एक बार ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं. लगातार मिल रही इन सफलताओं ने उन्हें कराटे के क्षेत्र में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है.
अब एशियन गेम्स में पदक जीतने का सपना
ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में सिल्वर जीतने के बाद अनुराग का आत्मविश्वास और बढ़ा है. वे अब एशियन गेम्स की तैयारी में जुट गए हैं. उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के लिए पदक जीतना है. अनुराग का कहना है कि अगर लगातार मेहनत, अनुशासन और परिवार का साथ मिलता रहे तो वे आने वाले समय में देश के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल करना चाहते हैं.
रिपोर्टर: चेतन गुर्जर
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