राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र स्थित प्राचीन और प्रसिद्ध बुद्धेश्वर मंदिर में लगातार हो रही घंटों की चोरी का भंडाफोड़ हो गया है. इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरी का आरोपी कोई बाहरी वाला नहीं, बल्कि मंदिर का ही सेवादार निकला. वह मंदिर में नियमित रूप से सेवा करता था और श्रृंगार आरती की व्यवस्थाएं भी संभालता था.
दुकानदारों और श्रद्धालुओं की सतर्कता से पकड़ा गया आरोपी
जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से मंदिर परिसर से पीतल के घंटे लगातार गायब हो रहे थे. इससे स्थानीय लोग और मंदिर प्रशासन परेशान थे. बुधवार शाम कुछ दुकानदारों और श्रद्धालुओं ने एक युवक को मंदिर का घंटा चुपचाप ले जाते हुए देखा. लोगों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और पूछताछ की. आरोपी की पहचान गोलू उर्फ गौरव के रूप में हुई, जो लंबे समय से मंदिर में सेवादार के रूप में कार्यरत था.
श्रृंगार आरती की जिम्मेदारी भी थी उसी के पास
गौरव मंदिर में होने वाली श्रृंगार आरती की तैयारियों और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालता था. ऐसे में उसी पर चोरी का आरोप लगने से हर कोई हैरान रह गया. लोगों का कहना है कि जिस व्यक्ति पर मंदिर की सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही आस्था के केंद्र से चोरी कर रहा था.
पहले हुई चोरियों में भी हाथ होने की आशंका
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर से पहले भी कई बार कीमती घंटे चोरी हो चुके थे, लेकिन चोर का कोई सुराग नहीं मिला था. अब गौरव के पकड़े जाने के बाद आशंका जताई जा रही है कि पहले हुई चोरियों के पीछे भी उसी का हाथ हो सकता है. पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है.
मुकदमा दर्ज, आरोपी को भेजा गया जेल
मामले की जानकारी मिलने के बाद लेखपाल आनंद श्रीवास्तव ने पारा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. चूंकि बुद्धेश्वर मंदिर की देखरेख जिला प्रशासन के अधीन होती है, इसलिए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
घटना के बाद श्रद्धालुओं में काफी नाराजगी है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, निगरानी बढ़ाने और सीसीटीवी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की मांग की है.
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