लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल ने की कम्युनिटी रेडियो स्टेशन की शुरुआत, डॉक्टर देंगे स्वास्थ्य संबंधी जानकारी

यह किसी भी चिकित्सा संस्थान द्वारा भारत का पहला कम्युनिटी रेडियो स्टेशन है. इस रेडियो सेवा को हम 89.6 मेगाहर्ट्ज की फ्रीक्वेंसी पर सुन सकते हैं. इसकी स्थापना केजीएमयू के साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में की गई है और इसका प्रसारण यहीं से किया जाएगा.

केजीएमयू अस्पताल ने की कम्युनिटी रेडियो स्टेशन की शुरुआत
gnttv.com
  • लखनऊ ,
  • 09 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 4:06 PM IST
  • ये किसी भी चिकित्सा संस्थान का भारत में पहला कम्युनिटी रेडियो स्टेशन है.
  • बाहर के डॉक्टरों को भी किया जा रहा है इंवॉल्व.

अपने रेडियो पर गाने, न्यूज, कहानियां, कृषि संबंधी जानकारियां और तरह-तरह के कार्यक्रम सुने होंगे. यहां तक कि लोगों के अनुभव बांटते रेडियो जॉकी और उनके किस्से-कहानियां भी सुने होंगे. पर क्या आपने कभी रेडियो पर दवाओं और बीमारियों के बारे में जानकारी देते डॉक्टरों को सुना है? जी हां, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में कम्युनिटी रेडियो का उद्घाटन किया गया है. जिसके तहत डॉक्टरों के माध्यम से लोगों में बीमारियों के बारे में जागरुकता फैलाई जाएगी. 

कम्युनिटी रेडियो ऎसी सामग्री का प्रसारण करते हैं जो कि किन्हीं स्थानीय या विशिष्ट श्रोताओं में लोकप्रिय है. ऐसे में  केजीएमयू के कम्युनिटी रेडियो का उद्घाटन केजीएमयू के कुलपति रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डॉ विपिन पुरी ने किया. वहीं केजीएमयू कम्युनिटी रेडियो के नोडल अधिकारी डॉक्टर विनोद जैन ने दावा किया कि यह किसी भी चिकित्सा संस्थान द्वारा भारत का पहला कम्युनिटी रेडियो स्टेशन है. इस रेडियो सेवा को हम 89.6 मेगाहर्ट्ज की फ्रीक्वेंसी पर सुन सकते हैं. इसकी स्थापना केजीएमयू के साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में की गई है और इसका प्रसारण यहीं से किया जाएगा. केजीएमयू रेडियो का प्रसारण सुबह 9 बजे से रात के 9 बजे तक किया जाएगा, कुल 12 घंटे का प्रसारण होगा. 

रेडियो के जरिए कर रहे लोगों को सतर्क

डॉक्टर विनोद जैन ने बताया कि प्रसारण के दौरान स्वास्थ संबंधित बीमारियों के बारे में डॉक्टरों के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाई जाएगी. साथ ही साथ, इस समय जो कोरोनावायरस  का ओमिक्रॉन वेरिएंट चल रहा है उसके बारे में भी हम केजीएमयू रेडियो के जरिए लोगों को सतर्क और जागरूक करने का काम कर रहे हैं. डॉ विनोद जैन ने बताया, "कोरोना से संबंधित जानकारी के लिए अलग से आधे घंटे का समय दिया जा रहा है, जिससे कम से कम समय में हम समाज के सभी क्षेत्रों तक जानकारी पहुंचा सकें. एफएम रेडियो गूंज के माध्यम से समाज को शारीरिक, मानसिक,सामाजिक और आध्यात्मिक लाभ कराया जाएगा. 

रेडियो से मिलेगी स्वास्थ्य संबंधित जानकारियां

डॉ विनोद का कहना है कि केजीएमयू के रेडियो स्टेशन गूंज से समसामयिक विषय जैसे कोविड, स्वस्थ जीवन शैली को कैसे अपनाएं? कैंसर से कैसे बचाव किया जाए? हृदय रोग संबंधित बीमारियों से कैसे बचें? साथ ही साथ खान-पान में किन चीजों का सेवन किया जाए और किस से बचा जाए, इन सभी मुद्दों पर हमारे विशेषज्ञ, रेडियो पर बैठकर जनता को इसके बारे में जानकारी देते हैं. डॉक्टर जैन ने बताया कि एंड्रॉयड और आईफोन में 89.6 मेगाहर्ट्ज कम्युनिटी रेडियो ऐप उपलब्ध है. ऐप के माध्यम से विश्व के किसी भी कोने से लोग किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से जुड़कर स्वास्थ्य संबंधित जानकारियां ले सकते हैं. नोडल अधिकारी डॉक्टर विनोद जैन ने आगे बताया कि इसकी फ्रीक्वेंसी अभी 10 किलोमीटर की रेंज में रहेगी. 10 किलोमीटर के अंदर ही इसे ट्यून करके सुना ज सकता है, आने वाले समय में इसकी फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाएगी. सुनने वाले बोर न हो इसके लिए हम लोग बीच-बीच में मनोरंजन और रोचक कार्यक्रम भी करते रहते हैं. 

कम्युनिटी रेडियो पर विज्ञापन भी दिया जा सकता है

आयुष मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुसार, हम लोग एलोपैथी की ही नहीं बल्कि आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक पर भी चर्चा करते हैं. डॉक्टर विनोद जैन ने यह भी बताया कि कम्युनिटी रेडियो पर विज्ञापन भी दिया जा सकता है, लेकिन 3 महीने बाद. क्योंकि विज्ञापन तभी लिया ज सकता है जब 3 महीने का संचालन समय बीत जाए. उन्होंने बताया कि अगर विज्ञापन सरकारी है तो प्रति सेकंड चार रुपए पड़ेंगे, वहीं अगर विज्ञापन प्राइवेट है तो इससे ज्यादा चार्ज पड़ेंगा. हालांकि अभी प्राइवेट विज्ञापनों का शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है लेकिन 5 से 6 प्रति सेकंड प्राइवेट विज्ञापन की दर पड़ सकती है. 

लोग कॉल कर ले सकते हैं सलाह 

वहीं केजीएमयू रेडियो स्टेशन गूंज के प्रोग्रामिंग हेड और रेडियो जॉकी विनय ने बताया कि हम लोग 5 तारीख को सब पंचमी के दिन ऑन एयर हुए, कॉलर्स का रिस्पांस ठीक-ठाक आ रहा है. लोग कॉल तो कर ही रहे हैं साथ ही साथ स्वास्थय संबंधित जानकारी के लिए मेल भी कर रहे हैं. हर दिन नए एक्सपर्ट्स आते हैं और उसी हिसाब से कॉलर्स उसे सुनकर स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए कॉल करते हैं. कुछ लोग फिजिकली प्रजेंट होकर अपनी बात रखने में हिचकिचाते हैं लेकिन कॉल के जरिए वह नहीं हिचकिचाते हैं,तो ऐसे में उन लोगों के लिए यह प्लेटफॉर्म ठीक है. 

दूसरे देशों के डॉक्टर भी जुड़े हैं 

उन्होंने आगे बताया, "शिफ्ट की बात करें तो सुबह 9 से रात 9 बजे तक हम लोग शिफ्ट करते हैं. हम लोग अपने रेडियो पर कई तरीके के प्रोग्राम बना रहे हैं, चाहे वह महिला सशक्तिकरण हो, बेरोजगारी हो, शिक्षा और स्वास्थ्य हो, इन सभी मुद्दों पर हम लोग प्रोग्राम बना रहे हैं और उसे प्रसारण कर रहे हैं. अभी हम लोग सिर्फ केजीएमयू के ही डॉक्टरों को ले रहे हैं क्योंकि केजीएमयू का परिवार बहुत बड़ा है और केजीएमयू के डॉक्टर नामी-गिरामी भी हैं. देश और दुनिया में केजीएमयू के डॉक्टरों का नाम है. साथ ही साथ हम बाहर के डॉक्टरों को भी अपने रेडियो स्टेशन में इंवॉल्व कर रहे हैं अभी हाल ही में यूएस के डॉक्टर हमारे रेडियो स्टेशन से जुड़े थे."

(सत्यम मिश्रा की रिपोर्ट)

 

 

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