Magh Mela: इटली से माघ मेले में आई लुक्रेसिया भज रहीं प्रभु भजन, कहा बहुत सुन्दर है यहां की संस्कृति

लुक्रेसिया इससे पहले भी 2025 के महाकुंभ में प्रयागराज आ चुकी है. वह तीसरी बार इण्डिया आई हैं. उन्हें भारतीय संस्कृति और अध्यात्म ने इस कदर प्रभावित और आकर्षित किया है कि वह बार-बार यहां आना चाहती हैं.

इटली की लुक्रेसिया अपने गुरु के साथ
gnttv.com
  • प्रयागराज,
  • 12 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:55 AM IST

भारत की सुन्दर संस्कृति, और प्रकृति हमेशा से ही विदेशियों सैलानियों को अपनी तरफ आकर्षित करती रही है. भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से प्रभावित होकर इटली के मिलानो शहर की 22 साल की लुक्रेसिया भी अपने पिता पेरांजल के साथ इन दिनों माघ मेले में आई हुई है. माघ मेले के सेक्टर 5 में अपने गुरु सीतापुर नैमिष्यारण से आए नागा संन्यासी मनमौजी रामपुरी के साथ बैठी हुई है. यहां आकर वो भारत की संस्कृति से बेहद प्रभावित है. यहां वह राम भजन हरि भजन जय श्री राम और जय मां गंगा मैया के जयकारे लगाती है. 

महाकुंभ में भी आई थी भारत
लुक्रेसिया इससे पहले भी 2025 के महाकुंभ में प्रयागराज आ चुकी है. वह तीसरी बार इण्डिया आई हैं. उन्हें भारतीय संस्कृति और अध्यात्म ने इस कदर प्रभावित और आकर्षित किया है कि वह बार-बार यहां आना चाहती हैं. उन्होंने माघ मेले में आकर पवित्र त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी भी लगाई है. लुक्रेसिया भी भारतीयों की तरह मानती है कि गंगा में डुबकी लगाने से सभी पापों का नाश हो जाता है.

माघ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर भी लुक्रेसिया ने प्रदेश की योगी सरकार की तारीफ की है. खास तौर पर सुरक्षा और ट्रैफिक इंतजामों के लिए यूपी पुलिस को धन्यवाद दिया है. लुक्रेसिया हिंदी के भी कुछ शब्दों को जानती हैं. वह हिंदी में धन्यवाद, ओम नमः शिवाय, जय श्री राम, सीताराम, हरे रामा हरे कृष्णा, राधे राधे और हर हर गंगे का उद्घोष भी कर रही हैं.

विश्व में सबसे जादुई भारत
लुक्रेसिया ने भारत को पूरे विश्व में सबसे जादुई स्थान बताया है. लूक्रेसिया ने कहा है कि वह भारत और भारत के लोगों को बहुत प्यार करती हैं. उन्होंने कहा है कि मैक्सिको, चीन और जापान यहां तक कि पूरी दुनिया में कहीं पर भी भारत जैसे लोग नहीं है. प्रयागराज के माघ मेले में आकर बेहद खुश है और भारत की संस्कृति और यहां की आस्था देखकर उनके यहां बार-बार आने को मन करता है.

लुक्रेसिया इटली की यूनिवर्सिटी में बिजनेस स्टडीज की पढ़ाई करती हैं और इसके साथ-साथ वह परिवार के बेकरी के बिजनेस में भी पूरा सहयोग करती हैं. लुक्रेसिया अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहती हैं कि उन्हें भारत आकर बहुत अच्छा लगता है. उनका कहना है कि यहां आकर मेरे मन को बहुत शांति मिलती है.

- पंकज श्रीवास्तव की रिपोर्ट

 

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