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Surya Dev: कुंडली में सूर्यदेव का होता है विशेष महत्व, जानें भगवान भास्कर को मजबूत करने के उपाय

सूर्यदेव को सृष्टि का ऊर्जा स्रोत माना जाता है. कुंडली में सूर्यदेव का विशेष महत्व होता है. सूर्यदेव स्वास्थ्य, यश और राजकीय सेवा का कारक होते हैं. कुंडली में कमजोर सूर्य से व्यक्ति को स्वास्थ्य समस्याएं, निर्धनता और अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. आइए जानते हैं भगवान भास्कर को मजबूत करने के उपाय.

Surya Dev Surya Dev

कलयुग में भगवान के नाम का उच्चारण करने से जीवन की समस्याएं दूर होती हैं. ज्योतिष शैलेन्द्र पांडेय ने बताया कि सूर्यदेव के 21 चमत्कारी नाम हैं. सूर्य के नामों की स्तुति बहुत कारगर होती है. सूर्यदेव की कृपा पाने के लिए स्नान कर सूर्य को जल अर्पित करें और 21 नामों का उच्चारण करें. ऐसा करने से सूर्य से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं

हमारे जीवन में सूर्य देव का महत्व
समस्त सृष्टि के ऊर्जा और प्रकाश का कारण सूर्यदेव ही है. राज्य,औषधि, पिता तथा खाद्य पदार्थ का कारक सूर्यदेव हैं. कुंडली में सूर्य के मजबूत होने पर व्यक्ति यशस्वी और सम्पन्न होता है. कमजोर होने पर व्यक्ति दुर्बल,रोगी और निर्धन होता है. ह्रदय रोग, आंखों की गम्भीर समस्या और लगभग हर रोग के पीछे सूर्य ही होता है. सूर्य के कारण व्यक्ति को राजकीय सेवा भी प्राप्त होती है. यदि किसी के ऊपर सूर्य की कृपा होती है तो उसके सभी बिगड़े हुए काम जल्दी पूरे होने लगते हैं. सूर्यदेव की कृपा होने पर कुंडली में नकारात्मक प्रभाव देने वाले ग्रहों का प्रभाव कम हो जाता है. धन प्राप्ति के योग बनते हैं और घर में हमेशा सुख-शांति का वातावरण बना रहता है. जातक की कुंडली में सूर्य प्रबल होने पर मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता में वृद्धि और सरकारी नौकरी के अवसर प्राप्त होते हैं.

सूर्यदेव को मजबूत करने और लाभ लेने के लिए क्या उपाय करने चाहिए
सूर्य को मजबूत करने का सबसे सरल तरीका सूर्य को अर्घ्य देने का है. इसके अतिरिक्त सूर्य के मंत्र जाप भी काफी प्रभावशाली होते हैं. मन्त्रों के अलावा सूर्य के नामों की स्तुति भी विशेष कारगर होती है. सूर्य की स्तुति में इनके 21 नामों का उल्लेख किया गया है. इन नामों को नियमित रूप से प्रातःकाल पढ़ने से सूर्य मजबूत होते हैं. व्यक्ति को सूर्य सम्बन्धी समस्याओं से छुटकारा मिलता है. 

क्या हैं सूर्यदेव के 21 नाम 
विकर्तन, विवस्वान, मार्तण्ड, भास्कर, रवि , लोकप्रकाशक, श्रीमान, लोकचक्षु , गृहेश्वर, लोकसाक्षी, त्रिलोकेश, कर्ता, हर्ता, तमिस्त्रहा, तपन, तापन, शुचि, सप्ताश्ववाहन, गभस्तिहस्त, ब्रह्मा, सर्वदेवनमस्कृत.

कैसे सूर्य के इन 21 नामों का करें पाठ 
1. प्रातः काल स्नान करके सूर्य को जल अर्पित करें.
2. इसके बाद वहीं पर खड़े होकर सूर्य के21 नाम पढ़ें.
3. फिर अपनी प्रार्थना कहें. आपको सूर्य की कृपा प्राप्त होगी.