लुधियाना में शादी के बाद जबरन धर्म परिवर्तन, मारपीट और दहेज के आरोपों से जुड़े मामले में लड़के का परिवार मीडिया के सामने आया है. परिवार का दावा है कि लड़की कृतिका वर्मा को उसके माता-पिता की सहमति और उनकी मौजूदगी में ईसाई धर्म में शामिल किया गया था. परिवार ने अपने दावों के समर्थन में सबूत पेश करने की बात भी कही है.
कृतिका वर्मा ने ससुराल वालों पर लगाए थे आरोप
लुधियाना की रहने वाली कृतिका वर्मा ने लव मैरिज के बाद अपने ससुराल वालों पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने, मारपीट करने और दहेज मांगने के आरोप लगाए थे. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़की के पति, ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. साथ ही, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी किए जाने की बात भी सामने आई थी. वहीं, अब कृतिका वर्मा के ससुराल पक्ष के लोग, जिनमें उनके पति और ससुर भी शामिल हैं, मीडिया के सामने आए और अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को लेकर अपना पक्ष रखा.
पति करणवीर सिद्धू ने बताया पारिवारिक विवाद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कृतिका वर्मा के पति करणवीर सिद्धू ने कहा कि यह मामला धर्म परिवर्तन का नहीं, बल्कि आपसी पारिवारिक विवाद का है. उनका आरोप है कि मामले को धर्म परिवर्तन का रंग देने की कोशिश की जा रही है, जो नहीं होना चाहिए. करणवीर सिद्धू ने यह भी दावा किया कि मारपीट उनकी तरफ से नहीं की गई, बल्कि उनके ससुराल वालों ने उनके साथ मारपीट की थी.
लड़की और उसके माता-पिता की सहमति से धर्म परिवर्तन कराने का दावा
कृतिका के ससुर जतिंदर सिंह, जो ईसाई धर्म में पास्टर भी हैं, ने जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों को झूठा बताया. उनका कहना है कि लड़की को उसके माता-पिता की सहमति से और उनकी मौजूदगी में ईसाई धर्म में शामिल किया गया था.
जतिंदर सिंह के मुताबिक, 2 सितंबर को करणवीर और कृतिका की शादी हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी. इसके बाद 5 सितंबर को कृतिका अपने माता-पिता के साथ उनके घर आई थी. उन्होंने दावा किया कि उस समय लड़की के माता-पिता ने कहा था कि अब उनकी बेटी को उनके घर में रहना है और अगर वे चाहें, तो अपने रीति-रिवाज के अनुसार भी शादी करवा सकते हैं. जतिंदर सिंह का कहना है कि इसके बाद परिवार ने अपने रीति-रिवाज के अनुसार कृतिका को ईसाई धर्म में शामिल करवाया.
वायरल वीडियो को लेकर परिवार ने क्या कहा?
जतिंदर सिंह ने दावा किया कि धर्म परिवर्तन से जुड़ा जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसे कृतिका के माता-पिता ने ही अपने मोबाइल से बनाया था. उनके अनुसार, जब कृतिका को ईसाई धर्म में शामिल किया जा रहा था, उस समय उसके माता-पिता भी वहां मौजूद थे. उन्होंने आरोप लगाया कि अब इसी वीडियो को जबरन धर्म परिवर्तन का मामला बताकर वायरल किया जा रहा है. हालांकि, ये सभी दावे लड़के के परिवार की ओर से किए गए हैं.
मारपीट के आरोपों पर भी रखा अपना पक्ष
जतिंदर सिंह ने अपने परिवार पर लगाए गए मारपीट के आरोपों को भी खारिज किया. उनका दावा है कि मारपीट उनके परिवार की ओर से नहीं की गई, बल्कि पहले उनके बेटे के साथ और फिर उनके साथ मारपीट हुई थी. उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से जुड़े सबूत और कॉल डिटेल्स भी उनके पास हैं.
एफआईआर दर्ज होने के बाद इंसाफ की मांग
इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद लड़के के परिवार ने इंसाफ की मांग की है. परिवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए अपना पक्ष रखा और सबूत होने का दावा किया.
फिलहाल, इस मामले में कृतिका वर्मा की ओर से लगाए गए आरोप और उसके ससुराल पक्ष की ओर से दिए गए जवाब अलग-अलग हैं. धर्म परिवर्तन और मारपीट से जुड़े आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
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