Advertisement

अयोध्या में आज संतों की बड़ी बैठक, राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बनेगी नई रणनीति, फैसले पर टिकी सबकी नजर

मणिराम दास छावनी में आयोजित इस बैठक का आयोजन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी एवं दिगंबर अखाड़े के महंत कमल नयन दास के संरक्षण में होगा. बैठक में देशभर से करीब 250 से 300 संतों और महंतों के शामिल होने की संभावना है.

Ram Mandir
समर्थ श्रीवास्तव
  • अयोध्या ,
  • 23 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:29 AM IST

रामनगरी अयोध्या में आज दोपहर 3 बजे संत समाज की एक बेहद अहम बैठक होने जा रही है, जिसे हाल के घटनाक्रमों के बीच धार्मिक और संगठनात्मक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मणिराम दास छावनी में आयोजित इस बैठक का आयोजन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी एवं दिगंबर अखाड़े के महंत कमल नयन दास के संरक्षण में होगा. बैठक में देशभर से करीब 250 से 300 संतों और महंतों के शामिल होने की संभावना है.

सूत्रों के अनुसार बैठक का मुख्य फोकस राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े हालिया विवाद के बाद श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत बनाए रखना अयोध्या की धार्मिक गरिमा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा करना रहेगा. माना जा रहा है कि इस मंथन में संत समाज की राय को विशेष महत्व दिया जाएगा और आगे की रणनीति पर सहमति बनाने का प्रयास होगा.

इन मुद्दों पर हो रही बैठक
बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी भी चर्चा का केंद्र रहेगी. सूत्रों के मुताबिक संघ के संयुक्त सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल और पूर्व सरकार्यवाह भैयाजी जोशी बैठक में शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा क्षेत्र प्रचारक अनिल प्रांत प्रचारक कौशल प्रांत प्रचार प्रमुख गंगा और सह-प्रांत प्रचारक मनोज कांत पहले से अयोध्या में मौजूद हैं. बैठक में हाल ही में ट्रस्ट द्वारा गठित धार्मिक समिति, संतों की भूमिका और ट्रस्ट तथा संत समाज के बीच बेहतर समन्वय पर भी विस्तार से चर्चा होगी. माना जा रहा है कि संतों की भागीदारी बढ़ाने और संवाद को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव सामने आ सकते हैं.

वहीं, कुछ संत राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में भी अपनी राय सार्वजनिक रूप से रख सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद और संघ की ओर से पिछले कुछ दिनों में संत समाज से व्यापक स्तर पर संपर्क किया गया है, ताकि राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर संतों का विश्वास और सहयोग और अधिक मजबूत किया जा सके. अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के बीच हो रही यह बैठक केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और संगठनात्मक स्तर पर भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

ये भी पढ़ें: 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement