सरपंच बनने का था शौक, दो बच्चे के नियम के वजह से 6 महीने की नवजात को उतारा मौत के घाट

महाराष्ट्र के रहने वाले व्यक्ति ने कुछ ऐसा किया, जिसने इंसानियत और बाप-बेटी के रिश्ते को शर्मसार कर दिया.

AI GENRATED IMAGE
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 03 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:59 PM IST
  • सरपंच बनने के लिए पिता ने किया बेटी का कत्ल
  • पहले की जन्म प्रमाण पत्र बदलने की कोशिश

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के एक गांव से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पिता और संतान के रिश्ते पर सवाल खड़े कर दिए हैं. दरअसल इस गांव के रहने वाले एक 28 साल के व्यक्ति ने अपनी ही 6 साल की नन्ही बेटी की हत्या महज के चुनाव में खड़े होने के लिए कर दी. पुलिस का कहना है कि आरोपी व्यक्ति स्थानीय निकाय चुनाव में खड़े होकर चुनाव लड़ना चाहता था और इसी लालच में उसने ऐसा खौफनाक कदम उठाया जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है. 

चुनाव लड़ने के लिए था केवल दो बच्चों की शर्त 
असल में महाराष्ट्र के पंचायत चुनाव लड़ने के लिए एक नियम है, जिसके तहत उम्मीदवार के यहां दो बच्चे से ज्यादा नहीं होने चाहिए. जिनके पास दो बच्चों से ज्यादा है वह चुनाव नहीं लड़ सकते. आरोपी के तीन बच्चे थे, दो बेटी और एक बेटा. इस कारण वह चुनाव लड़ने के लिए योग्य नहीं था. 

सर्पंच की सलाह और नाकाम कोशिशें
पुलिस जांच में सामने आया कि गांव के मौजूदा सरपंच ने आरोपी को सलाह दी थी कि वह अपने किसी एक बच्चे को गोद दे दे, ताकि चुनाव लड़ने की पात्रता हासिल हो सके. इसके बाद आरोपी ने अपने बेटे के जन्म प्रमाण पत्र में बदलाव कराने की कोशिश की. वह पुणे नगर निगम कार्यालय तक गया, लेकिन वहां भी उसे सफलता नहीं मिली.

बेटी को मारने की साजिश
जब हर रास्ता बंद होता दिखा, तो आरोपी ने बेहद अमानवीय योजना बनाई. उसने तय किया कि वह अपने ही किसी बच्चे को खत्म कर देगा और बाद में उसे लापता बता देगा. योजना के तहत वह 29 जनवरी को अपनी छह साल की बेटी को बाइक पर बैठाकर महाराष्ट्र से तेलंगाना के निजामाबाद जिले की ओर ले गया.

नहर में फेंक कर की हत्या
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी बेटी को गांव से करीब 90 किलोमीटर दूर एक नहर में फेंक दिया. इस घटना में बच्ची की मौत हो गई. कुछ समय बाद स्थानीय लोगों ने नहर में बच्ची का शव देखा और पुलिस को सूचना दी.

पुलिस जांच और पहचान
सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच के लिए तीन टीमें बनाई गईं. पुलिस ने बच्ची की तस्वीर आसपास के इलाकों में साझा की.  मुखेड क्षेत्र के कुछ लोगों ने फोटो देखकर बच्ची की पहचान की. इसके बाद पुलिस टीम केरूर गांव पहुंची और पुष्टि हुई कि मृत बच्ची वहीं की रहने वाली थी.

आरोपी की पृष्ठभूमि
पुलिस ने बताया कि आरोपी मुखेड में एक सैलून चलाता था और अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहता था. वह आने वाले ग्राम पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था.

गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी पिता और गांव के सरपंच दोनों को गिरफ्तार कर लिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धाराएं बदलते हुए हत्या, अपहरण और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अन्य संबंधित धाराएं जोड़ दी हैं.

पुलिस का बयान
निजामाबाद के पुलिस आयुक्त पी. साई चैतन्य ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की गई और पुख्ता सबूत मिलने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

 

ये भी पढ़ें


 

Read more!

RECOMMENDED