उत्तर प्रदेश में चुनाव सिर पर है. प्रमुख पार्टियां जीत के लिए पूरा जोर लगा रही हैं. देखकर लग रहा है कि मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा के बीच ही है. एक तरफ जहां सभी पार्टियां वैसे उम्मीदवार पर फोकस कर रही है जो सीट जीतकर ला सके, इस बीच मायावती ने बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला लिया है.
आपराधिक छवि वालों को टिकट नहीं
मायावती ने साफ कर दिया है कि वे आपराधिक छवि वाले लोगों को टिकट नहीं देंगी. राजनीति में इसे एक अच्छी शुरुआत को तौर पर देखा जा सकता है. मायावती ने उम्मीदवारों की छवि पर फोकस करते हुए अब सभी टिकट लेने वाले उम्मीदवारों के लिए शपथ पत्र के साथ टिकट लेने की बात कही है. ऐसे प्रत्याशियों को बिल्कुल टिकट नहीं दिया जाएगा जिस पर हत्या, महिला उत्पीड़न या फिर कोई अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं. प्रत्याशी को बीएसपी का टिकट पाने के लिए एफिडेविट देना होगा और इसके बाद ही टिकट मिलेा. मायावती का साफ आदेश है कि किसी पर आपराधिक मामले दर्ज हैं तो उन्हें टिकट नहीं दिया जाए.
पार्टी की छवि सुधारने के लिए काम कर रहीं मायावती
बीएसपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मायावती अपनी पार्टी की छवि सुधारने के लिए लगातार काम कर रही हैं. मायावती पार्टी पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर रही हैं. बैठक में उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि उम्मीदवारों की छवि साफ-सुथरी होनी चाहिए. टिकट मांगने के साथ-साथ एक शपथ पत्र भी देना होगा जिसमें उनके ऊपर कोई भी अपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है, इस बात का लिखित में एफिडेविट देना होगा. उसके बाद ही टिकट मिलेगा.
बसपा में राजनीतिक अपराधी की कोई जगह नहीं
बहुजन समाज पार्टी के प्रवक्ता फैजान खान का कहना है कि बसपा सभी समाज के लोगों के साथ खड़ी है. यहां पर किसी भी राजनीतिक अपराधी की कोई जगह नहीं है. इसके लिए बहन जी ने सभी से शपथ पत्र मांगा है जिसके साथ सभी को बताना होगा की प्रत्याशी के ऊपर किसी प्रकार का कोई मुकदमा तो दर्ज नहीं है. जिस पर हत्या, महिला उत्पीड़न जैसे जघन्य अपराध दर्ज हैं तो उस को टिकट नहीं दिया जाएगा और ऐसे उम्मीदवारों के बारे में अच्छे से जांच भी की जा रही है.