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हाउसिंग सोसायटियों में बकरी पालन और कुर्बानी पर रोक, BJP का प्रस्ताव बहुमत से पास

ठाणे जिले के मीरा-भाईंदर की हाउसिंग सोसायटियों में बकरी पालने और कुर्बानी करने पर रोक लगा दी गई है. हालांकि कांग्रेस ने इसका विरोध किया है. उनका कहना है कि जिन सोसायटियों में सभी निवासी बकरी पालने या कुर्बानी के लिए सहमत हैं, उन्हें इस नियम से बाहर रखा जाए.

Mira-Bhaindar News
प्रवीण नलावडे
  • पालघर,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:05 PM IST

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा-भाईंदर की हाउसिंग सोसायटियों में बकरी पालने और कुर्बानी करने पर रोक लगा दी गई है. मंगलवार को हुई महासभा में सत्तारूढ़ भाजपा ने बहुमत के आधार पर इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया. कांग्रेस ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए मांग की कि जिन सोसायटियों में सभी निवासी बकरी पालने या कुर्बानी के लिए सहमत हैं, उन्हें इस नियम से बाहर रखा जाए. यह फैसला त्योहारों के दौरान हर साल होने वाले विवादों की पृष्ठभूमि में लिया गया है.

त्योहारों में बकरी पालने के विवाद को लेकर फैसला-
मीरा-भाईंदर में पिछले कुछ वर्षों से त्योहारों के दौरान बकरी पालने को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं. कई बार सोसायटी के अन्य सदस्यों द्वारा इसका विरोध किए जाने से तनाव की स्थिति पैदा हुई. मई महीने में भी इस मुद्दे को लेकर दो गुटों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी. नियमों के अभाव में कार्रवाई करने में प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा था और कुछ दिनों बाद स्थिति शांत हुई थी.

कुर्बानी पर भी रहेगी रोक-
इन्हीं घटनाओं को देखते हुए स्थानीय स्तर पर नियम बनाने की मांग की जा रही थी. मंगलवार की महासभा में मांस बिक्री और कुर्बानी को लेकर नियमावली बनाने का प्रस्ताव भाजपा की ओर से चर्चा के लिए रखा गया. प्रस्ताव के अनुसार सोसायटी परिसर, सड़क, दुकान या घर में बकरी पालने और कुर्बानी करने पर रोक रहेगी. नियम का उल्लंघन करने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना और मामला दर्ज करने का प्रावधान रखा गया है.

कांग्रेस ने किया विरोध-
कांग्रेस ने महासभा में इस प्रस्ताव का विरोध किया. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर शहर में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस ने कहा कि मीरा-भाईंदर में सभी धर्मों के लोग रहते हैं और एक-दूसरे के धार्मिक त्योहारों में भी शामिल होते हैं.

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि प्रस्ताव के लिए विस्तृत गोषवारा पेश नहीं किया गया, तो इसे महासभा में किस आधार पर पारित किया गया. कांग्रेस की ओर से मांग की गई कि जिस सोसायटी में 100 प्रतिशत निवासी बकरी पालने या सोसायटी परिसर में कुर्बानी के लिए सहमत हों, वहां इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए. हालांकि कांग्रेस का यह प्रस्ताव बहुमत के अभाव में खारिज हो गया.

नयानगर के स्थानीय लोगों ने भी जताया विरोध-
महासभा में पारित प्रस्ताव के खिलाफ मीरा रोड के नयानगर के स्थानीय नागरिकों ने भी विरोध जताया है. उनका सवाल है कि जिन सोसायटियों में 100 प्रतिशत मुस्लिम परिवार रहते हैं, वहां भी यह नियम क्यों लागू किया जा रहा है.

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नियम उन सोसायटियों में लागू किए जाने चाहिए जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग रहते हैं और धार्मिक गतिविधियों को लेकर विवाद की संभावना रहती है.

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