जरा सोचिए, कोई किसान जो दिनभर खेत में मेहनत करे और खाली समय में मैजिक गाड़ी चलाकर परिवार का खर्च चलाए. अचानक उसके घर आयकर विभाग का नोटिस पहुंचे और उसमें लिखा हो कि उसके बैंक खाते से 41 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है और 6 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में रहने वाले श्याम बाबू के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.
नौकरी का झांसा और खुल गया बैंक खाता
मिर्जापुर के पड़री थाना क्षेत्र के लोकापुर गांव निवासी श्याम बाबू खेती-किसानी के साथ मैजिक गाड़ी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं. उनके मुताबिक, वर्ष 2020 में शादी के करीब छह महीने बाद उनके साले ने नौकरी दिलाने का वादा कर उन्हें दिल्ली बुलाया. वहां उनके दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाता खुलवाया गया, लेकिन खाते में अपना मोबाइल नंबर साले ने दर्ज कराया. इसके बाद श्याम बाबू को वापस गांव भेज दिया गया. कुछ समय बाद साला घर आया और चेक पर उनके हस्ताक्षर लेकर चला गया.
41 करोड़ का ट्रांजेक्शन, 6 करोड़ की मांग
करीब तीन महीने पहले श्याम बाबू को आयकर विभाग से पहला नोटिस मिला. नोटिस में बताया गया कि उनके बैंक खाते से अब तक 41 करोड़ रुपये का लेनदेन हो चुका है और 6 करोड़ रुपये का बकाया जमा करना है. अब तक उन्हें विभाग की ओर से तीन नोटिस मिल चुके हैं, जिससे पूरा परिवार चिंता में है.
'रोज 400-500 रुपये कमाते हैं, करोड़ों कहां से लाएं'
श्याम बाबू का कहना है कि वह रोज मेहनत करके केवल 400 से 500 रुपये तक ही कमा पाते हैं. ऐसे में करोड़ों रुपये का टैक्स चुकाना उनके लिए असंभव है. जब उन्होंने इस मामले की जानकारी अपने ससुराल पक्ष और साले को दी तो उन्हें सिर्फ इतना कहा गया कि "शांत रहो, कुछ नहीं होगा."
अब न्याय की उम्मीद
श्याम बाबू का कहना है कि वह आयकर विभाग के अधिकारियों से भी मिल चुके हैं. वहां उन्हें बताया गया कि उनके खाते से 41 करोड़ रुपये का लेनदेन दर्ज है और 6 करोड़ रुपये का बकाया बनता है. अब वह समझ नहीं पा रहे कि आखिर उनके नाम पर इतना बड़ा लेनदेन किसने किया.
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