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Monsoon Update: क्या मानसून को लेकर गलत साबित हो सकती है मौसम विभाग की भविष्यवाणी? जानिए

इस बार मौसम विभाग ने अपने शुरुआती पूर्वानुमान में 27 मई तक मानसून की केरल एंट्री की संभावना जताई थी. लेकिन, एक बार फिर इस मामले में भारतीय मौसम विभाग ग़लत साबित हो सकता है.

Monsoon Update
कुमार कुणाल
  • नई दिल्ली ,
  • 20 मई 2025,
  • अपडेटेड 12:18 PM IST

देशभर में कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है. ज्यादातर इलाकों में चल रहा ये दौर मानसून पूर्व बारिश यानी प्री मानसून रेन है. लेकिन, लगातार बन रहे हालातों को देखें तो बहुप्रतीक्षित मानसून भारतीय मेनलैंड पर अब कभी भी दस्तक दे सकता है. यूं तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के सभी द्वीपों पर मानसून अपने पैर-पसार चुका है और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़कर मध्य बे ऑफ बंगाल में मानसून का सिस्टम 19 मई को ही पहुंच चुका है, इसमें कई इलाके वो भी हैं जहां आम तौर पर 1 जून तक सिस्टम आता है.

तो केरल में कब पहुंचेगा मानसून
केरल से ही दक्षिण पश्चिम मानसून भारत की मुख्य थल सीमा में प्रवेश करता है. आम तौर पर 30 मई को सुदूर दक्षिण से मालदीव और श्रीलंका होता हुआ मानसून की बारिश केरल के तटीय क्षेत्रों में पहुंचती है. इस बार मौसम विभाग ने अपने शुरुआती पूर्वानुमान में 27 मई तक मानसून की केरल एंट्री की संभावना जताई थी. लेकिन, एक बार फिर इस मामले में भारतीय मौसम विभाग ग़लत साबित हो सकता है. 

फिलहाल, अरब सागर में एक कम दवाब का क्षेत्र बना हुआ जो अगले एक दो दिनों में चक्रवातीय सिस्टम का रूप ले सकता है. इसी सिस्टम के सहारे मानसून के केरल में दाखिल होने की मजबूत संभावना है. अगर, सिस्टम से जुड़े सभी कारक बने रहे तो 22 मई से लेकर 24 मई के बीच यानी इसी हफ्ते केरल में मानसून की मजबूत एंट्री हो जाएगी. अगर ऐसा होता है तो केरल में लगभग एक हफ्ते पहले ही मानसून आ जाएगा. 

बाकी इलाकों में कब तक आएगा सिस्टम
सिर्फ केरल ही नहीं मानसून की तेज़ रफ्तार देश के बाकी इलाकों के लिए भी अच्छी ख़बर है. पूर्वी छोर से भी बंगाल की खाड़ी के जरिए उत्तरपूर्वी भारत के राज्यों और बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में भी मानसून जल्दी आ सकता है. देश के बाकी इलाकों जैसे उत्तरी भारत में मानसून कब एंट्री करेगा इसके बारे में अभी पूर्वानुमान लगाना थोड़ा मुश्किल है. 

इसकी वजह यह है कि मानसून कई सारे फैक्टर की वजह से आगे बढ़ता है जो समय-समय पर बदलते रहते हैं. लेकिन भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान की बात करें तो इस बार सामान्य से पांच प्रतिशत से ज्यादा बारिश देशभर में होने का अनुमान है.

 

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