Advertisement

ग्रामीणों ने कोविड के प्रकोप से गांव को बचाने के लिए देवता को दिया धन्यवाद.... करवाया भोज… मुंडवाया सिर...

एक ग्रामीण अंबालाल पाटीदार ने बताया कि जब कोरोना वायरस महामारी अपने चरम पर थी, गांव के लगभग 25-30 लोग संक्रमित थे. उस समय, लोगों ने देवनारायण जी के प्राचीन मंदिर में अपने सिर मुंडवाने और 2021 में महामारी के कारण कोई मृत्यु नहीं होने पर 'भंडारा' (सामूहिक दावत) आयोजित करने के लिए एक 'मन्नत' (प्रतिज्ञा) ली थी.

अपनी प्रतिज्ञा को पूरा करते हुए 90 से अधिक ग्रामीणों ने अपने सिर का मुंडन करवाया.
gnttv.com
  • नीमच,
  • 01 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST
  • दूसरी लहर में गांव के 25-30 लोग हुए थे संक्रमित
  • हाथों में धार्मिक झंडे लेकर किया नृत्य 

मध्य प्रदेश के नीमच जिले से एक बहुत दिलचस्प घटना सामने आई है. नीमच जिले के देवरी खवासा गांव के 90 से अधिक ग्रामीणों ने वर्ष 2021 में गांव को COVID-19 के प्रकोप से बचाने के लिए अपने देवता को धन्यवाद दिया और एक मंदिर में सामूहिक भोज का आयोजन किया. इसके साथ ही इन ग्रामीणों अपनी प्रतिज्ञा को पूरा करते हुए अपने सिर का मुंडन करवाया.

दूसरी लहर में गांव के 25-30 लोग हुए थे संक्रमित

एक ग्रामीण अंबालाल पाटीदार ने बताया कि जब कोरोना वायरस महामारी अपने चरम पर थी, गांव के लगभग 25-30 लोग संक्रमित थे. उस समय, लोगों ने देवनारायण जी के प्राचीन मंदिर में अपने सिर मुंडवाने और 2021 में महामारी के कारण कोई मृत्यु नहीं होने पर 'भंडारा' (सामूहिक दावत) आयोजित करने के लिए एक 'मन्नत' (प्रतिज्ञा) ली थी. उन्होंने दावा किया, “हमने देवता को धन्यवाद दिया क्योंकि 2,500 की आबादी वाले हमारे गांव में COVID​​​​-19 के कारण कोई मौत नहीं हुई.

हाथों में धार्मिक झंडे लेकर किया नृत्य 

 यह गांव भोपाल से करीब 400 किलोमीटर दूर स्थित है. एक निवासी ने कहा कि देवनारायण मंदिर में ग्रामीणों द्वारा ली गई मन्नत को पूरा करने के लिए शुक्रवार को अनुष्ठान किया गया था. नीमच जिले के इस गांव में महिलाओं समेत ग्रामीणों ने जुलूस निकाला. उन्होंने हाथों में धार्मिक झंडे लेकर धार्मिक गीतों की धुन पर नृत्य किया.


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement