Advertisement

किसानों के विरोध के बाद आया कृषि मंत्री का जवाब, चुनाव के बाद बनेगी एमएसपी समिति

पांच राज्यों - मणिपुर, गोवा, उत्तराखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश में मतदान की अंतिम तिथि 7 मार्च है और परिणाम 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे. केंद्रीय मंत्री की घोषणा किसानों द्वारा संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले एक तथाकथित विश्वासघात दिवस मनाने के चार दिन बाद आई है, जिसमें दावा किया गया था कि केंद्र सरकार अपना वादा नहीं निभा रही है.

पंजाब और हरियाणा में कुछ स्थानों पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया.
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 05 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 8:34 AM IST
  • चुनाव आयोग के जवाब के बाद आया है फैसला
  • एसकेएम की चेतावनी के बाद हुआ ऐलान 

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को राज्यसभा को बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर समिति का गठन आगामी राज्य चुनाव के बाद किया जाएगा. यह समिति, विरोध कर रहे किसानों की मांग कि सरकार एमएसपी पर कानूनी गारंटी प्रदान करें. पिछले साल 19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि उनकी सरकार तीन कृषि कानूनों को निरस्त करेगी. इस घोषणा के साथ ही उन्होंने इस समिति के बनने की भी घोषणा की थी.

चुनाव आयोग के जवाब के बाद आया है फैसला 

बीजू जनता दल के सांसद प्रसन्ना आचार्य द्वारा पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, तोमर ने कहा: “पूरा देश जानता है कि प्रधानमंत्री ने फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती और एमएसपी को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए एक समिति के गठन की घोषणा की है. सरकार पीएम द्वारा की गई घोषणा के लिए प्रतिबद्ध है. मामला मंत्रालय में विचाराधीन है." उन्होंने पैनल बनाने में देरी की व्याख्या करते हुए कहा कि चूंकि आठ जनवरी को पांच राज्यों के चुनावों की घोषणा की गई थी, और आदर्श आचार संहिता लागू थी, सरकार इस कदम पर अपनी राय के लिए चुनाव आयोग (ईसी) के जवाब का इंतजार कर रही थी.

एसकेएम की चेतावनी के बाद हुआ ऐलान 

पांच राज्यों - मणिपुर, गोवा, उत्तराखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश में मतदान की अंतिम तिथि 7 मार्च है और परिणाम 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे. केंद्रीय मंत्री की घोषणा किसानों द्वारा संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले एक तथाकथित विश्वासघात दिवस मनाने के चार दिन बाद आई है, जिसमें दावा किया गया था कि केंद्र सरकार अपना वादा नहीं निभा रही है. पंजाब और हरियाणा में कुछ स्थानों पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया और एसकेएम ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह विरोध फिर से शुरू करने के लिए मजबूर होंगे.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement