बिहार के मुजफ्फरपुर में फर्जी आधार कार्ड बनाने और गलत दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट तैयार कराने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. नगर थाना पुलिस ने मोतीझील स्थित कन्हाई कम्यूनिकेशन और आरडीएस कॉलेज के पास ओम कम्यूनिकेशन से छापेमारी के दौरान लैपटॉप, यूआईडीएआई मशीन, फिंगर स्कैनर, आई स्कैनर, क्लोन थंब इंप्रेशन और आठ मूल आधार कार्ड बरामद किए हैं.
दस्तावेज से छेड़छाड़ कर तैयार हो रहे फर्जी आधार
पुलिस के अनुसार, 30 सितंबर की शाम सूचना मिली थी कि मोतीझील के उमा मार्केट स्थित कन्हाई कम्यूनिकेशन में दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर फर्जी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं. इसके बाद नगर थानाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी की. मौके से साहिल कुमार को गिरफ्तार किया गया. उसके पास से दो मोबाइल फोन और दुकान से डेल कंपनी का लैपटॉप बरामद हुआ, जिसमें आधार बनाने वाला सॉफ्टवेयर मिला.
बांग्लादेशी नागरिक का भारतीय पासपोर्ट
पूछताछ में साहिल ने पुलिस को बताया कि वह 2019 से कन्हाई कुमार के कहने पर दुकान में आधार बनाने और पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन का काम करता था. उसके मोबाइल से क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना से आया एक ई-मेल भी मिला. इसमें पासपोर्ट संख्या U2185640 को गलत सूचना के आधार पर रद्द किए जाने की जानकारी थी. पुलिस के मुताबिक, जांच में यह पासपोर्ट बांग्लादेशी नागरिक के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए जाने की बात सामने आई है.
पहले से थी आधार तैयार करने की जानकारी
साहिल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने छपरा के दरियापुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर शिव कुमार पंडित को गिरफ्तार किया. उसके पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ. पुलिस के अनुसार, शिव कुमार पहले बैंक में आधार ऑपरेटर के रूप में काम करता था और साइबर कैफे संचालकों को यूआईडीएआई सिस्टम उपलब्ध कराता था.
इस मामले में साहिल कुमार और शिव कुमार पंडित समेत पांच नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. आरोपितों के खिलाफ बीएनएस, पासपोर्ट एक्ट और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.