गिरफ्तार किए गए दो आरोपी
गिरफ्तार किए गए दो आरोपी
बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव मकसूदपुर से बड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है. दरअसल यहां का रहने वाला 52 वर्षीय अनीश, 21 सितंबर को हल्दौर में लगने वाला गुदड़ी मेला देखने आया था. रात में वह अपनी बहन के घर रुका. जिसके बाद अगले दिन मेला देखने के बाद सवेरे अपनी बहन के ससुर के साथ हल्दौर में चाय की दुकान करने वाले हिमांशु की दुकान पर पहुंचा.
यहीं उसकी मुलाकात हिमांशु, राजा और हरप्रीत उर्फ हर्षअंगा से हुई. पहली मुलाकात के बाद तीनों से उसकी दोस्ती हो गई. अगले दिन अनीश ने तीनों के साथ शराब पी और उनके साथ घूमता रहा. लेकिन इस दोस्ती में एक ऐसा मोड़ आया जिसने सबको हैरान भी कर दिया.
केवल ने बदल दिए इरादे
शराब पीने के दौरान उसके उन तीनों दोस्तों को शक हुआ कि अनीश के पास मोटी रकम है. इसी रकम को हड़पने के इरादे से तीनों उसे एक सुनसान जगह ले गए. वहां उन्होंने अनीश की तलाशी लेने की कोशिश की. अनीश ने इसका विरोध करते हुए उन्हें गाली दी. इसके बाद विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मामला खूनी खेल में बदल गया.
नए दोस्तों ने दिखाई हैवानियत
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हरप्रीत ने कथित तौर पर बेल्ट से अनीश का गला घोंट दिया, जबकि हिमांशु ने स्वेटर बनाने वाली सलाई से उसके गले पर हमला कर दिया. अनीश की मौत के बाद तीनों ने शव को घटनास्थल से करीब 50 मीटर दूर नहर किनारे गन्ने के खेत में डाल दिया और फरार हो गए.
अनीश के लापता होने के बाद जब पांच दिन तक उसका कोई सुराग नहीं लगा तो उसकी बहन और भाई ने स्योहारा थाने पहुंचकर मुकदमा दर्ज कराया. अनीश के भाई अजीज ने रिपोर्ट दर्ज कराते समय हिमांशु, राजा और हरप्रीत पर अनीश के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई थी.
सीसीटीवी से खुले राज
जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए हिमांशु और राजा को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें वो किसी भी घटना से इंकार करते रहे. लेकिन एक स्थान पर लगे सीसीटीवी में चारों एक साथ मोटर साइकिल पर जाते हुए दिखाई दिए. इस वीडियो को देखने के बाद दोनों ने पूरी घटना का खुलासा कर सब कुछ उगल दिया. जिसके बाद हत्या की पूरी कहानी सामने आ गई.
पुलिस ने हिमांशु और राजा को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर नहर किनारे गन्ने के खेत से अनीश का शव बरामद कर लिया. आठ दिन पुराना शव पूरी तरह सड़-गल चुका था. मौके से मृतक का आधार कार्ड और आरोपियों के खून से सने कपड़े भी बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है. पुलिस ने दोनों को जेल भेजने की कार्रवाई तेज की है और तीसरे आरोपी के लिए दबिश दे रही है.
न थी कोई रकम, न कोई पैसा.. केवल शक ने ली जान
इस हत्याकांड में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस मोटी रकम के लालच में अनीश की हत्या किए जाने का आरोप है, उसके पास वास्तव में कोई बड़ी रकम नहीं थी. यानी केवल शक और लालच के चलते तीनों ने कथित तौर पर अपने ही नए बने दोस्त की जान ले ली.