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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर दिखेगा कमांडो का दम, नक्सलमुक्त भारत के संकल्प के साथ राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में जुटेंगे जवान

सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाएगा. गुजरात के एकतानगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास होने वाली परेड में देश के अलग-अलग राज्यों के सुरक्षा बल अपने शौर्य, अनुशासन और तैयारियों का प्रदर्शन करेंगे.

National Unity Day Parade
नरेंद्र पेपरवाला
  • अहमदाबाद,
  • 28 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:56 PM IST

सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाएगा. गुजरात के एकतानगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास होने वाली परेड में देश के अलग-अलग राज्यों के सुरक्षा बल अपने शौर्य, अनुशासन और तैयारियों का प्रदर्शन करेंगे. इस बार परेड का खास संदेश नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य, आंतरिक सुरक्षा और देश की एकता से जुड़ा होगा. इसमें नक्सल विरोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले विशेष सुरक्षा बलों की भागीदारी भी देखने को मिलेगी.

नक्सलमुक्त भारत के लक्ष्य पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद को देश की शांति, सुरक्षा और विकास के लिए बड़ी चुनौती बताया है. सरकार ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा था. इस दिशा में सुरक्षा बलों के अभियान के साथ नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास पर भी जोर दिया जा रहा है. इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा देना जरूरी है, ताकि स्थानीय लोगों का भरोसा मजबूत हो और वे हिंसा से दूर होकर मुख्यधारा से जुड़ सकें.

परेड में शामिल होंगी खास कमांडो टुकड़ियां
राष्ट्रीय एकता दिवस की परेड में कई राज्यों के विशेष सुरक्षा बल हिस्सा लेंगे. इनमें छत्तीसगढ़ पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG), झारखंड की जगुआर, ओडिशा की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की ग्रेहाउंड कमांडो टुकड़ियां शामिल हैं. इनके अलावा कर्नाटक की एंटी-नक्सल फोर्स (ANF), केरल की थंडरबोल्ट और महाराष्ट्र की C-60 कमांडो यूनिट भी परेड का हिस्सा होंगी.

ये सभी बल नक्सल प्रभावित इलाकों में कठिन परिस्थितियों के बीच अभियान चलाने के लिए विशेष प्रशिक्षण लेते हैं. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की CoBRA बटालियन भी नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. जंगलों में अभियान चलाने के लिए प्रशिक्षित यह बल दुर्गम इलाकों में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करता है.

20 टुकड़ियों में 3,480 प्रतिभागी
परेड में मार्चिंग कंटिजेंट की 20 टुकड़ियों में कुल 3,480 प्रतिभागियों के शामिल होने का उल्लेख है. वहीं, गार्ड ऑफ ऑनर, ध्वजवाहक टुकड़ी, बैंड, डॉग स्क्वॉड और अन्य प्रस्तुतियों समेत परेड से जुड़े विभिन्न हिस्सों में कुल 4,956 प्रतिभागियों की भागीदारी बताई गई है. इसके अलावा, नाट्य प्रस्तुतियों, झांकियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्कूल बैंड और ऑल इंडिया बाइक रैली जैसे आयोजनों में 7,734 प्रतिभागियों के शामिल होने का उल्लेख है. BSF, ITBP, SSB और CISF जैसे केंद्रीय बलों के साथ NCC की भागीदारी भी राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं की जिम्मेदारी का संदेश देगी.

सुरक्षा के साथ विकास भी जरूरी
राष्ट्रीय एकता दिवस की परेड केवल सुरक्षा बलों की ताकत दिखाने का आयोजन नहीं है, बल्कि देश की एकता और शांति के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक भी है. सरदार पटेल ने देश की रियासतों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई थी. आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति के लिए सुरक्षा अभियानों के साथ विकास, रोजगार और स्थानीय लोगों का विश्वास जीतना भी जरूरी है.

राष्ट्रीय एकता दिवस की परेड कितने जवान परेड करेंगे
मार्चिंग कंटिजेंट : 3,480 प्रतिभागी
परेड के विभिन्न घटकों में कुल : 4,956 प्रतिभागी
बैंड कंटिजेंट : 810 प्रतिभागी
डॉग स्क्वॉड : 42 सदस्य
SSB और CRPF का संयुक्त डेयरडेविल शो : 152 प्रतिभागी
परेड के अलावा अन्य कार्यक्रम : 7,734 प्रतिभागी
सांस्कृतिक कलाकार : 5,000
NSD की नाट्य प्रस्तुति : 2,000 प्रतिभागी

नक्सल विरोधी अभियानों में प्रसिद्ध विशेष बल जिन्होंने नक्सलवाद खत्म में अहम भूमिका निभाई
छत्तीसगढ़ : STF और DRG
झारखंड : जगुआर
ओडिशा : SOG
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना : ग्रेहाउंड्स
कर्नाटक : ANF
केरल : थंडरबोल्ट
महाराष्ट्र : C-60
CRPF : CoBRA कमांडो बटालियन

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