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Nepal Flood Helpline: नेपाल बाढ़ में फंसे लोगों के लिए यूपी सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, जानें मदद पाने का तरीका

नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ और तबाही में फंसे यूपी के नागरिकों व पर्यटकों की मदद के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. परिजन बिना देर किए इस नंबर पर संपर्क करके जरूरी सहायता प्राप्त कर सकते हैं.

नेपाल में फंसे नागरिकों को योगी सरकार की मदद
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:54 PM IST

नेपाल में आई बाढ़ और त्रासदी के बीच उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए जरूरी सूचना. अगर नेपाल में कोई यूपी का नागरिक फंसा हुआ है या उसे किसी भी तरह की मदद की जरूरत है, तो उसके परिजन बिना देर किए 1070 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि जरूरत पड़ने पर इस हेल्पलाइन के जरिए तुरंत जानकारी दें. 

नेपाल में बाढ़ की वजह से अगर उत्तर प्रदेश का कोई नागरिक वहां फंसा है और परिवार से उसका संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो ऐसे मामलों में परिजन 1070 पर फोन कर सकते हैं. अगर किसी यूपी निवासी को किसी तरह की सहायता की जरूरत है, तब भी इसी नंबर पर संपर्क करने की अपील की गई है. ऐसे समय में परिजनों के लिए जरूरी है कि वे किसी भी तरह की परेशानी होने पर इंतजार न करें और तत्काल हेल्पलाइन नंबर पर जानकारी दें. प्रशासन तत्काल उनकी मदद के लिए राहत कार्य प्रदान करेगी. 

क्या है नेपाल फ्लड?
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में हालात बिगाड़ दिए हैं. तेज बहाव की वजह से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटक और ट्रेकर्स भी प्रभावित हुए हैं. बाढ़ के चलते कई इलाकों में आवागमन और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं. भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद यह स्थिति बनी. प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम जारी है और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है.

400 लोग लापता, 133 भारतीय शामिल
नेपाल में आई इस बाढ़ के बाद करीब 400 लोगों के लापता होने की खबर सामने आई है. जिसमें 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. अचानक बढ़े नदी के पानी की वजह से कई लोग इसकी चपेट में आ गए और 92 लोगों के मौत का आंकड़ा अभी तक सामने आया है. नेपाल में सेना, स्पेशल ऑपरेशन्स टीम और मेडिकल टीम राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं. प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है.
 

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