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DJ बजाने वालों का निकाह नहीं पढ़ाएंगे इमाम, रात 10 बजे के बाद बंद होंगी दुकानें... पंचायत के अनोखे फरमान

हरियाणा के नूंह में गंगवानी पंचायत ने अनोखा फरमान सुनाया है. इमाम ऐसे लोगों का निकाह नहीं पढ़ाएंगे, जो डीजे बजाएंगे. अगर इस नियम का उल्लंघन किया गया तो 51 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके अलावा भी पंचायत में कई बड़े फैसले लिए गए. रात 10 बजे के बाद गांव की सभी दुकानें बंद हो जाएंगी.

Gangwani Panchayat Unique Decision
gnttv.com
  • नूंह,
  • 17 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:21 PM IST

हरियाणा के नूंह में एक पंचायत ने अनोखा फरमान सुनाया है. गंगवानी पंचायत ने फैसला किया है कि इमाम डीजे बजाने वालों का निकाह नहीं पढ़ाएंगे. पंचायत ने इस फैसले को लागू करने के लिए कमेटी भी गठित की है. अगर कोई इस फैसले का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

इमाम नहीं पढ़ाएंगे DJ बजाने वालों का निकाह-
उटावड़ गांव में सामाजिक बुराइयों के खिलाफ हुई महापंचायत का असर अब आसपास के क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है. इसी कड़ी में नूंह जिले के चौधर क्षेत्र के गांव गंगवानी में एक बड़ी सामाजिक पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से कई ऐतिहासिक और कड़े फैसले लिए. इन निर्णयों का उद्देश्य गांव में बढ़ती सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाना और अनुशासित वातावरण स्थापित करना है. पंचायत से पारित प्रस्तावों को लागू कराने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन भी किया गया है.

उल्लंघन पर 51 हजार रुपए का जुर्माना-
पंचायत के सबसे चर्चित फैसले के तहत यह निर्णय लिया गया कि गांव में डीजे बजाने वाले व्यक्ति का निकाह इमाम नहीं पढ़ाएंगे. अगर कोई इस नियम की अवहेलना करता है तो उस पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. सरपंच इरशाद मोहम्मद ने कहा कि गांव की सामाजिक मर्यादा और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए ऐसे कड़े कदम उठाना आवश्यक है. 

रात 10 बजे के बाद बंद रहेंगी गांव की दुकानें-
इसके अलावा पंचायत ने रात 10 बजे के बाद गांव की सभी दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है. नियम तोड़ने वालों पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. नशे की हालत में पाए जाने वाले व्यक्ति से 11 हजार रुपये का जुर्माना वसूल कर उसे पुलिस के हवाले किया जाएगा. जुआ खेलने या खिलवाने वाले बाहरी व्यक्ति पर 51 हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया है. 

मृत्यु पर सार्वजनिक भोज नहीं कराने का फैसला-
साइबर अपराध में संलिप्त पाए जाने वाले आरोपी को सीधे पुलिस को सौंपने का निर्णय भी लिया गया है. पंचायत ने यह भी स्पष्ट किया कि गोकशी या गो तस्करी में संलिप्त व्यक्ति को दंडित कर पुलिस को सौंपा जाएगा. अपराधी की सिफारिश या मदद करने वाले पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. सामाजिक परंपराओं में सुधार करते हुए शादी के समय मेहर की राशि साढ़े तीन तोला चांदी तय की गई है. भात और छूछक जैसे अवसरों पर शगुन बंद लिफाफे में देने और मृत्यु पर सार्वजनिक भोज न करने का निर्णय भी लिया गया है.

बारात में मेहमानों की संख्या सीमित-
बारात में मेहमानों की संख्या 30-50 तक सीमित रखने और गाड़ी की सनरूफ खोलकर चलने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान भी किया गया है. ग्रामीणों का मानना है कि इन सख्त लेकिन सकारात्मक निर्णयों से गांव में सामाजिक अनुशासन मजबूत होगा और आने वाले समय में वातावरण अधिक सुरक्षित बनेगा.

(कासिम खान की रिपोर्ट)

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