पालघर जिले के जव्हार तालुका के वाळवडा क्षेत्र स्थित खड़कीपाड़ा में सड़क और पुल का मुद्दा पिछले कई सालों से लंबित है. करीब 300 की आबादी वाले इस पाड़े के ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन देकर मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक न सड़क का काम शुरू हुआ और न ही पुल का निर्माण हुआ है.
बारिश आते ही टूट जाता है संपर्क
खड़कीपाड़ा में बारिश का मौसम शुरू होते ही ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं. नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पाड़े का तालुका मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है. ऐसे में विद्यार्थियों, मरीजों, बुजुर्गों और जरूरी काम से बाहर जाने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन कई बार मांग उठाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है.
बीमार बुजुर्ग महिला को झोली में ले जाना पड़ा
इसी परेशानी की गंभीर तस्वीर 16 अगस्त को सामने आई. खड़कीपाड़ा निवासी 55 वर्षीय लक्ष्मी गणपत गावित की तबीयत खराब हो गई थी. उन्हें इलाज के लिए ले जाना जरूरी था, लेकिन सड़क और पुल नहीं होने की वजह से ग्रामीणों के सामने कोई आसान रास्ता नहीं था. आखिरकार ग्रामीणों ने लक्ष्मी गणपत गावित को झोली बनाकर नदी के रास्ते से ले जाने का फैसला किया. महिला को झोली के सहारे नदी पार ले जाते हुए वीडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
वायरल वीडियो ने दिखा दी ग्रामीणों की मजबूरी
वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह ग्रामीण एक बीमार बुजुर्ग महिला को झोली के सहारे नदी के रास्ते ले जा रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद खड़कीपाड़ा में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया. ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के दिनों में उन्हें हर साल इसी तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता है. सड़क और पुल नहीं होने का असर सिर्फ मरीजों पर नहीं, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और रोजमर्रा के जरूरी काम के लिए बाहर जाने वाले लोगों पर भी पड़ता है.
चुनाव में मिलते हैं आश्वासन, बाद में समस्या रह जाती है
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि गांव में आते हैं और उनकी समस्याएं दूर करने का आश्वासन देते हैं. लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं देता. ग्रामीण लंबे समय से सड़क और पुल की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है.
'चौथी मुंबई' के दावों के बीच उठे सवाल
एक तरफ मुख्यमंत्री पालघर जिले को भविष्य में 'चौथी मुंबई' के रूप में विकसित किए जाने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों की तस्वीर कुछ और ही कहानी बता रही है. करीब 300 की आबादी वाले खड़कीपाड़ा में आज भी लोग सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधा का इंतजार कर रहे हैं. जब इलाज के लिए एक 55 वर्षीय बुजुर्ग महिला को नदी के रास्ते झोली में ले जाने की नौबत आ जाए और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाए, तो खड़कीपाड़ा की घटना ग्रामीण इलाकों में विकास की स्थिति पर सवाल जरूर खड़े करती है.
ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि खड़कीपाड़ा में सड़क और पुल का काम जल्द से जल्द शुरू किया जाए. उनका कहना है कि अगर स्थायी व्यवस्था हो जाए तो हर साल बारिश के मौसम में उन्हें इसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
(रिपोर्ट- मोहम्मद हुसैन खान)
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