पंजाब कांग्रेस के मुखिया नवजोत सिंह सिद्धू अपने जुमले ही नहीं बदलते बल्कि वक्त आने पर अपने रास्ते भी बदल लेते हैं. कल तक सिद्धू महिलाओं को हर महीने 1000 से 2000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा करने वाली आम आदमी पार्टी और अकाली दल को खरी-खोटी सुनाते थे लेकिन सोमवार को खुद इन्हीं पार्टियों के रास्ते पर चलते दिखाई दिए.
सिद्धू ने जब देखा कि महिला वोटर आम आदमी पार्टी की ओर आकर्षित हो रही हैं तो महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए आप और अकाली दल की तरह ही बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर डालीं.
सिद्धू ने पंजाब के बरनाला में एक जनसभा संबोधित करते हुए न केवल विपक्षी पार्टियों को बल्कि अपनी ही पार्टी के नेताओं को भी चौंका दिया.
हर महिला को हर महीने 2000 रुपए और 8 एलपीजी गैस सिलेंडर
सोमवार को तब हद हो गई जब नवजोत सिद्धू ने पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जारी होने का इंतजार किए बिना ही महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी. सिद्धू ने कहा कि अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है तो हर महिला को हर महीने 2000 रुपए और 8 एलपीजी गैस सिलेंडर दिए जाएंगे.
यही नहीं हर पांचवीं तक शिक्षित महिला को 5000 रुपये, दसवीं तक शिक्षित महिला को 15,000 और 12वीं पास करने वाली लड़कियों को 20,000 रुपये देने की घोषणा की. जो लड़की विदेश में शिक्षा ग्रहण करने जाएगी उसे एक टैबलेट दिया जाएगा और कॉलेज जाने वाली लड़की को एक दो पहिया वाहन दिया जाएगा.
सिद्धू ने अपना व्यवसाय शुरू करने वाली महिलाओं को दो लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा भी कर दी. इसके अलावा हर गांव में दो महिला कमांडो तैनात करने और महिलाओं के नाम संपत्ति स्थानांतरित करने पर कोई राजस्व फीस नहीं लेने की घोषणा भी की.
पंजाब में एक करोड़ के लगभग महिला मतदाता
दरअसल पंजाब में एक करोड़ के लगभग महिला मतदाता हैं. साल 2017 में 94 लाख महिला मतदाता थी. आम आदमी पार्टी राज्य की हर व्यस्क महिला को हर महीने 1000 रुपये देने की घोषणा कर चुकी है. अकाली दल ने भी नीला कार्ड धारक महिलाओं को हर महीने 2000 रुपये देने का वादा किया है.
पंजाब सरकार पर पहले से ही 300000 करोड़ रुपए का कर्ज
पंजाब सरकार पर पहले से ही 300000 करोड़ रुपए का कर्ज चढ़ा हुआ है और एक करोड़ महिलाओं को हर महीने 2000 रुपये देने के लिए सरकार को 2000 करोड़ रुपए अतिरिक्त राजस्व जुटाना होगा. पंजाब सरकार अपने खजाने में सिर्फ 1300 से 1800 करोड़ के करीब राजस्व जमा कर पाती है जिसमें से ज्यादातर राशि कर्मचारियों के वेतन और कर्ज चुकाने पर खर्च होती है.
पंजाब सरकार लगभग तीन लाख करोड़ रुपए के कर्ज तले दबी है. आम आदमी पार्टी और नवजोत सिद्धू की घोषणाएं पूरी करने के लिए पंजाब सरकार को 11000 करोड़ से 12000 करोड़ रुपए सालाना अतिरिक्त खर्चा करना होगा. यही नहीं, 55 लाख परिवारों को आठ मुफ्त गैस सिलेंडर देने के लिए लगभग 40,000 करोड़ रुपए चाहिए होंगे.
बड़ी बड़ी घोषणा करने वाले नेताओं से जब यह सवाल किया जाता है कि वह इतना पैसा कहां से जुटाएंगे तो उनका इशारा अवैध खनन और शराब की बिक्री की तरफ होता है. लेकिन जानकारों के मुताबिक पंजाब सरकार चाह कर भी इतना राजस्व नहीं जुटा पाएगी. इसका मतलब नेताओं द्वारा किए जा रहे ज्यादातर चुनावी वायदे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेंगे.