कुछ समय पहले पंजाब में रैली के दौरान आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने राज्य में सभी महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया था. केजरीवाल के इस वादे के जवाब में, पंजाब मंत्रिमंडल ने बुधवार को सामाजिक सुरक्षा पेंशन (Social Security Pension) के 27.71 लाख लाभार्थियों को 1,000 रुपये का एकमुश्त अनुदान (वन-टाइम ग्रांट) देने का फैसला किया है.
यह अनुदान वृद्ध/विधवा, बेसहारा महिलाओं, आश्रित बच्चों और विकलांग व्यक्तियों को दी जाने वाली 1500 रुपये की मासिक पेंशन या वित्तीय सहायता से अलग होगा. एक सरकारी बयान में कहा गया है कि अनुदान इन लोगों को कोविड -19 महामारी के कारण आई परेशानियों को कम करने के लिए दिया जा रहा है.
यह वित्तीय सहायता लाभार्थियों के उनके बैंक खातों में सीधे जमा की जाएगी. इस एकमुश्त अनुदान के लिए राज्य के खजाने से लगभग 277.13 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
मजदूरों के लिए 3,000 रुपए:
कैबिनेट ने पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू) में रेजिस्टर्ड कंस्ट्रक्शन मजदूरों के लिए अंतरिम वित्तीय राहत के रूप में 3,000 रुपये देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.
डेरा बालन पैनल को ₹25 करोड़:
मंत्रि-परिषद ने पिछले साल 31 दिसम्बर को पंजाब निर्माण कार्यक्रम के तहत योजना विभाग द्वारा पहले ही आवंटित 'गुरु रविदास बानी अध्ययन केन्द्र कमेटी, डेरा सचखण्ड बलां' को 25 करोड़ रुपये जारी करने की भी स्वीकृति दी है.
मुख्यमंत्री ने हाल ही में इस अनुदान की घोषणा की थी.
एक अन्य फैसले में, कैबिनेट ने प्रस्तावित पंजाब राज्य कल्याण और अनुसूचित जातियों के विकास (वित्तीय संसाधनों की योजना, निर्धारण और उपयोग) उप-आवंटन अध्यादेश, 2022 की रूपरेखा को मंजूरी दी है.
नया कानून अनुसूचित जाति उपयोजना (एससीएसपी) के कार्यान्वयन में सभी स्तरों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में सहायक होगा. इसके अलावा, एससीएसपी को लागू करने वाले विभागों पर सभी हितधारकों यानी राज्य की पूरी एससी आबादी की जिम्मेदारी होगी.
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