पांच राज्यों में चुनाव नजदीक हैं. ऐसे में प्रत्याशी और उनके समर्थक प्रचार के लिए हर संभव तरीके आजमा रहे हैं. कोरोना संक्रमण की वजह से एक तरह जहां रैलियों और सभाओं पर रोक लगा दी गयी है. ऐसे में तमाम पार्टियां प्रचार के लिए नए-नए तरीके निकाल रही हैं. चुनाव कि इस गहमागहमी के बीच राजस्थान में पतंग भी प्रचार का एक सशक्त हथियार बन रही है. राज्य में इन दिनों राजनीतिक हस्तियों की तस्वीरों वाली पतंगों की काफी मांग है
इस सर्दी में, उत्तर प्रदेश और पंजाब सहित पांच राज्यों में चुनाव नजदीक हैं. ऐसे में 14 जनवरी को मकर संक्रांति के त्योहार से पहले राजनीति का मौसम गर्म है. जयपुर के पुराने शहर में पतंग प्रेमी कपूर अब्दुल गफ्फार अंसारी का पता पूछते हुए पाए जा सकते हैं, जिन्हें गफूर चाचा के नाम से जाना जाता है. 74 साल के अंसारी पिछले 40 साल से पतंग बना रहे हैं. उनकी बनायी गयी पतंगों की सूची में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं के बड़े कटआउट के साथ आदमकद पतंगें भी शामिल हैं.
नेताओं के कटआउट वाली पतंगों की मांग
इन पतंगों के बारे में बात करते हुए पतंग बनाने वाले गफ्फार अंसारी ने इंडिया टुडे को बताया, "ये तो समय बता सकता है कि चुनाव कौन जीतेगा. राजनीतिक नेताओं के कटआउट वाली ये पतंगें बहुत मांग में हैं. लोग एक पतंग के लिए 1000 रुपये का भुगतान करने को तैयार हैं, हालांकि मैं इन पतंगों को बेचने के लिए तैयार नहीं हूं." उन्होंने बताया कि जिन पतंगों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है उनमें समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, पंजाब के व्यापारी कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, गृह मंत्री अमित शाह, राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत शामिल हैं. मुख्यमंत्री सचिन पायलट, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सहित कई नेताओं की पतंगें भी काफी डिमांड में है.
गफ्फार अंसारी का कहना है, मैं पिछले 40 सालों से इस व्यवसाय में हूं. हिंदी फिल्म स्टार दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन, क्रिकेटर विराट कोहली, अभिनेता अनुष्का शर्मा सहित कई कटआउट भी लोगों को काफी पसंद आते हैं. ये पतंगें जो संदेश देती हैं वह एकता और भाईचारे का है. मैं चाहता हूं कि लोग शांति और सौहार्द से रहें और इसलिए मैं ये पतंग बनाता हूं."
(जयपुर से देव अंकुर वाधवान की रिपोर्ट)