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Kinnar Sant Samaj: मध्य प्रदेश का राजगढ़ बना किन्नर संत समाज का आध्यात्मिक केंद्र, 50 से अधिक किन्नरों की सनातन धर्म में घर वापसी

मध्य प्रदेश का राजगढ़ किन्नर संत समाज का आध्यात्मिक केंद्र बन गया है. यहां आयोजित किन्नर महासम्मेलन में देशभर से किन्नर महामंडलेश्वर, जगद्गुरु और संत समाज के प्रतिनिधि पहुंचे. इस महासम्मेलन में 50 से अधिक किन्नरों की विधि-विधान और शुद्धिकरण के साथ सनातन धर्म में घर वापसी कराई गई. 

Kinnar Sant Samaj
gnttv.com
  • राजगढ़ ,
  • 07 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:19 AM IST

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में आयोजित किन्नर महासम्मेलन ने आध्यात्मिक, धार्मिक और सामाजिक समरसता का अनूठा संदेश दिया. स्थानीय वी-वी वाटिका में आयोजित इस ऐतिहासिक महासम्मेलन में देशभर से पहुंचे किन्नर महामंडलेश्वर, जगद्गुरु और संत समाज के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की. कार्यक्रम के दौरान पट्टाभिषेक, शोभायात्रा, धार्मिक अनुष्ठान और श्रीमद्भागवत कथा जैसे कई आयोजन हुए. सबसे विशेष बात यह रही कि 50 से अधिक किन्नरों की विधि-विधान और शुद्धिकरण के साथ सनातन धर्म में घर वापसी कराई गई. यह भव्य आयोजन जगद्गुरु काजल ठाकुर मां (भोपाल) के सान्निध्य में संपन्न हुआ. आयोजन की मुख्य जिम्मेदारी राजगढ़ की किन्नर गुरु मां मीना नायक और उनकी टीम की रुपाली नायक, जन्नत नायक, माधुरी नायक तथा तुलसी नायक ने संभाली.

राजगढ़ की मीना नायक बनीं महामंडलेश्वर
महासमागम के पहले दिन विभिन्न राज्यों से पहुंचे किन्नर समाज और संतों के परिचय एवं मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. दूसरे दिन वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पट्टाभिषेक समारोह संपन्न हुआ. इस दौरान कई संतों और किन्नर प्रतिनिधियों को धार्मिक पदवियां प्रदान की गईं. राजगढ़ की किन्नर गुरु मां मीना नायक को महामंडलेश्वर की पदवी देकर सम्मानित किया गया.

सनातन धर्म में हुई घर वापसी
जगद्गुरु काजल ठाकुर मां ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान राजगढ़ सहित विभिन्न शहरों के 50 से अधिक किन्नरों की सनातन धर्म में घर वापसी कराई गई. संत समाज ने इसे सामाजिक और आध्यात्मिक जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया. इस अवसर पर शहर में गाजे-बाजे और पारंपरिक उत्साह के साथ भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.

विश्व की दूसरी किन्नर कथा वाचक सुना रहीं भागवत कथा
महासम्मेलन के दौरान श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी किया जा रहा है. कथा का वाचन विश्व की दूसरी किन्नर कथा वाचक हेमलता मां कंठस्थ द्वारा किया जा रहा है, जिसे सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.

समाजसेवा और धर्म प्रचार हमारा उद्देश्य
मीडिया से चर्चा करते हुए जगद्गुरु काजल ठाकुर मां और अन्य संतों ने कहा कि उनका किसी भी धर्म से विरोध नहीं है. प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किन्नर समाज का उद्देश्य राजनीति या धन-संपत्ति नहीं, बल्कि धर्म, समाजसेवा और सामाजिक समरसता का संदेश देना है. कार्यक्रम में महामंडलेश्वर आम्रपाली मां अमरावती, संगीता मां चंदेरी, गोलू मां सागर, मुस्कान मां सागर, गुड्डी मां, सपना मां अमरावती, नपूसा मां भोपाल, काजल मां रतलाम, सितारा मां, अंजली मां सहित किन्नर अखाड़ा के अनेक पदाधिकारी और संत शामिल हुए. भोपाल, उज्जैन, इंदौर, नागपुर, जबलपुर, अमरावती, सागर, इटारसी समेत कई शहरों से पहुंचे संतों और किन्नर नायकों की मौजूदगी ने आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया.

(पंकज शर्मा की रिपोर्ट)

 

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