राजकोट से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक खबर सामने आई है. दरअसल राजकोट के नानामवा रोड से सागर चौक की ओर जाने वाले रास्ते पर दो दिन पहले एक लूट वारदात हुई. यहां दिन-दहाड़े 11 लाख रुपए नकद से भरा हुआ बैग लूट लिया गया. पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि मामा से लिए गए 40 लाख रुपए वापस न करने पड़ें, इसके लिए खुद भांजे ने अपने करीबी दोस्तों के साथ मिलकर फिल्मी अंदाज में लूट की साजिश रची थी.
नाटक करते हुए निकला मामा के साथ
मामा हरदेव सिंह सजुभा झाला को अपने भांजे धीरेंद्र सिंह वाघेला से 40 लाख रुपए लेने थे. इस रकम में से 11 लाख रुपए वापस करने की बात कहकर धीरेंद्र सिंह ने मामा हरदेव सिंह को अपने घर बुलाया था. जब हरदेव सिंह दोपहर के समय रुपये लेने पहुंचे, तो धीरेंद्र सिंह लाल रंग का थैला लेकर उनकी बाइक पर पीछे बैठ गया. हरदेवसिंह को यह रकम मोटामावा स्थित अपनी साली के घर ले जानी थी.
'मामा, वो जा रहे हैं, मामा वो जा रहे हैं'
मामा हरदेव सिंह को लौटाने के लिए रुपए न होने के कारण धीरेंद्र सिंह ने लूट का नाटक रचने का फैसला किया था. इस दौरान नानामवा रोड से सागर चौक की ओर जाने वाले रास्ते पर पीछे से बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर आए दो लोगों ने हरदेव सिंह की बाइक पर जोर से लात मारी. उस समय पीछे बैठे धीरेंद्र सिंह ने 'मामा, वो जा रहे हैं, मामा वो जा रहे हैं' कहते हुए बाइक उनके पीछे दौड़ाने को कहा और थोड़ी ही देर में ऐसा दिखाया मानो वे दोनों अज्ञात लोग भाग गए हों. इसके बाद तुरंत 112 पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन करके 11 लाख रुपये से भरा बैग लुट जाने की झूठी सूचना दी.
पुलिस के सवालों के आगे टूटा भांजा
पुलिस ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तालुका पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई. पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच के दौरान धीरेंद्र सिंह से पूछताछ करने पर उसके जवाबों में कई विसंगतियां पाई गईं. पुलिस की सख्ती से पूछताछ करने पर धीरेंद्र सिंह टूट गया और उसने पूरी योजना कबूल कर ली. उसने बताया कि मामा हरदेव सिंह से लिए गए ₹40 लाख लौटाने की आर्थिक क्षमता न होने के कारण, उस कर्ज के तकाजे से छुटकारा पाने के लिए उसने लूट का यह नाटक रचा था.
गहने गिरवी रख भांजे को दिए दे विश्वास पर पैसे
मामा हरदेवसिंह ने सोने के गहने गिरवी रखकर ये पैसे प्राप्त किए थे और ये पैसे अपने भांजे धीरेंद्र सिंह को वाहनों के खरीद-फरोख्त के व्यवसाय के लिए दिए थे. पिछले कुछ दिनों से मामा हरदेव सिंह अपने भांजे धीरेंद्र सिंह से ये पैसे वापस मांग रहे थे. तब मामा को पैसे वापस न देने पड़ें और अपनी जिम्मेदारी से बचा जा सके, इसके लिए उसने एक सप्ताह पहले ही नकली लूट की योजना बनाई थी.
जांच में सामने आए दोनों अन्य आरोपित
जांच में सामने आया कि धीरेंद्र सिंह ने अपने दो परिचित दोस्तों, ध्रुवराजसिंह गोहिल और भावेश खुवा के साथ मिलकर पहले से ही एक योजनाबद्ध पटकथा तैयार की थी. योजना के अनुसार, बैग में बड़ी रकम होने का केवल आभास पैदा किया गया था और रास्ते में दोस्तों को वह बैग सौंपकर लूट होने की कहानी गढ़ी गई थी.
पुलिस ने इस पूरे मामले में कानून का दुरुपयोग करने, पुलिस को गुमराह करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में धीरेंद्रसिंह वाघेला, ध्रुवराजसिंह गोहिल और भावेश खुवा के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की है.