Advertisement

Ram Temple Trust CEO Race: राम मंदिर CEO के लिए इन दो नामों में से एक नाम पर लग सकती है मोहर, ट्रस्ट अंतिम प्रक्रिया में पहुंची, जल्द आएगा चेहरा सामने

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब तीन नामों का पैनल तैयार है. योगेश्वर राम मिश्रा और राजेश पांडे को प्रबल दावेदार माना जा रहा है. हालांकि, रिटायर्ड सेना अधिकारियों के नाम पर भी अंतिम चयन में लग सकती है मोहर तो कोई आश्चर्य नहीं होगा.

Ram Temple Trust CEO Race
कुमार अभिषेक
  • लखनऊ,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:59 PM IST

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के लिए साक्षात्कार का दौर पूरा हो चुका है. अब तीन नामों का पैनल तैयार है, जिसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जाएगा. CEO की नियुक्ति पर अंतिम मुहर ट्रस्ट ही लगाएगा. इस बीच योगेश्वर राम मिश्रा और राजेश पांडे को CEO पद के प्रबल दावेदारों में माना जा रहा है.

सरकार के सूत्रों के मुताबिक, डायरेक्ट IAS अधिकारियों के बजाय PCS से प्रोन्नत होकर IAS और IPS बने अधिकारी भी इस दौड़ में प्रबल दावेदार हो सकते हैं. योगेश्वर राम मिश्रा का नाम प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है. इसकी वजह उनका अनुभव और खासकर काशी कॉरिडोर के समय का उनका अनुभव बताया जा रहा है. वहीं राजेश पांडे एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे हैं. प्रदेश में चर्चित एनकाउंटर उन्होंने किए हैं और पुलिस अधिकारी के तौर पर उनका करियर बेहतरीन माना जाता है.

मंदिरों के संचालन का अनुभव अहम
काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के CEO भी PCS अधिकारी हैं. ज्यादातर ट्रस्ट में CEO और सरकार के नुमाइंदे PCS अधिकारी ही रहते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को चलाने के लिए अनुभवी, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी की जरूरत है. ऐसा अधिकारी जो मंदिरों से पुराना नाता रखता हो, किसी पुराने मंदिर में ट्रस्टी के तौर पर रह चुका हो, मंदिर का कामकाज समझता हो और जिसकी छवि बेदाग हो. इस दायरे में योगेश्वर राम मिश्रा और राजेश पांडे दोनों फिट बैठते हैं, क्योंकि दोनों को मंदिरों के संचालन का अनुभव है.

रिटायर्ड सेना अधिकारियों के नाम से भी नहीं होगा आश्चर्य
यह सही है कि पूर्व नौकरशाहों को तवज्जो मिल सकती है. हालांकि, सेना के कई रिटायर्ड अधिकारियों ने भी CEO पद के लिए इंटरव्यू दिया है. 16 शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों में सेना के रिटायर्ड अधिकारी भी शामिल हैं. ऐसे में जब नाम आखिरी तौर पर सामने आएगा, अगर किसी सेना के अधिकारी का नाम सामने आता है तो इसमें कोई चौंकने वाली बात नहीं होगी.

अब तक किसी महिला का नाम सामने नहीं आया
राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के लिए अब तक किसी महिला का नाम सामने नहीं आया है. आवेदन के समय भी कोई प्रमुख महिला नाम दिखाई नहीं दिया और शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों में भी अभी तक किसी महिला का नाम सामने नहीं आया है. हालांकि, CEO पद के लिए जो मानक तय किए गए थे, उनमें लिंग भेद जैसी कोई चीज नहीं है. प्रदेश भर में मंदिरों के संचालन से अभी तक महिलाएं दूर ही रही हैं और ज्यादातर मंदिरों के ट्रस्टी पुरुष हैं. ऐसे में किसी महिला के CEO बनने की संभावना नहीं के बराबर मानी जा रही है.

5,585 आवेदनों से शुरू हुई थी रेस
राम मंदिर CEO पद की चयन प्रक्रिया की शुरुआत 5,585 आवेदनों से हुई थी. इनमें 3,877 आवेदकों ने विस्तृत CV उपलब्ध कराया. उम्मीदवारों से उनकी प्रबंधन क्षमता, बड़े आयोजनों और विशाल जनसमूह को संभालने का अनुभव, व्यक्तिगत दक्षता, भाषा ज्ञान, विजन और भविष्य की रणनीति समेत कई पहलुओं की जानकारी मांगी गई. पहले चरण की स्क्रीनिंग के बाद 1,580 उम्मीदवारों के आवेदन और प्रस्तुतियों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया.

5,585 से 3 नामों तक ऐसे पहुंची रेस
5,585 आवेदन → 3,877 विस्तृत CV → 1,580 उम्मीदवारों का मूल्यांकन → 111 ऑनलाइन इंटरैक्शन → 16 फाइनल उम्मीदवार → 3 नामों का पैनल → ट्रस्ट करेगा अंतिम चयन. अब तीन नामों का पैनल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जाएगा. इसके बाद CEO की नियुक्ति पर अंतिम फैसला ट्रस्ट ही करेगा.
 

ये भी पढ़ें

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement