गुना में कलेक्टर का विवादित बयान
गुना में कलेक्टर का विवादित बयान
मध्य प्रदेश के गुना में पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया था. लेकिन देखते ही देखते सरकारी कार्यक्रम तीखी बयानबाजी में तब्दील हो गया. कांग्रेसी नेता व वर्तमान सरपंच ने कलेक्टर को राजनीति में आने का भी न्योता दे दिया. मध्य प्रदेश के सबसे पुराने सरपंच नरेंद्र सिंह दावतपुरा और कलेक्टर के बीच सरकारी मंच पर ही तीखी नोंकझोंक हो गई.
सरपंच की बंदूक के लिए गुहार-
दावतपुरा पंचायत के सरपंच नरेंद्र सिंह ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि उनकी बंदूक पुरानी होकर खराब हो गई है, जिसे वो बदलना चाहते हैं. लेकिन कलेक्टर साहब अनुमति नहीं दे रहे. दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह ने भी निवेदन किया है. लेकिन कलेक्टर साहब उनकी भी नहीं सुनते. मैं आज सबके सामने घोषणा करता हूं कि अपनी बंदूक कलेक्टर साहब को सरेंडर कर दूंगा. हमारे इलाके में मोर का शिकार होता है. शिकारियों के पास बंदूकें होती हैं. हम जानवरों की और अपनी सुरक्षा कैसे करें. जब हमारे पास शस्त्र ही नहीं है. बंदूक से अच्छी तो लाठी है. सरपंच नरेंद्र सिंह ने कलेक्टर से गुहार लगाई कि उन्हें शस्त्र बदलने की अनुमति तो दी जाए.
कलेक्टर की फिसली जुबान-
मंच से सरपंच नरेंद्र सिंह की बात सुनकर कलेक्टर हंसने लगे. जिसके बाद कलेक्टर ने पंच सरपंचों को संबोधित किया. कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने सरपंच नरेंद्र सिंह की बात पर पलटवार किया. लेकिन उनकी जुबान फिसल गई. कलेक्टर ने विवादित बयान देते हुए कहा कि वे शस्त्र लाइसेंस बांटकर गुना जिले को भिंड, मुरैना नहीं बनाना चाहते. गुना के लोग बहुत फैमिलियर हैं. यहां की मिट्टी और जलवायु बहुत अच्छी है.
कई नेताओं ने की कलेक्टर की तारीफ-
कलेक्टर और सरपंच के बीच हुई तीखी बयानबाजी को लेकर सभी हैरान रह गए. हालांकि मंच पर मौजूद बीजेपी नेताओं ने कलेक्टर की तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए उन्हें अब तक का सबसे बेहतरीन कलेक्टर घोषित कर दिया.
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