दिल्ली की जनता को बड़ा तोहफा: RBI से ऐतिहासिक समझौता, अब विकास के लिए पैसों की नहीं होगी कमी

RBI के साथ हुए इस समझौते के तहत अब दिल्ली सरकार स्टेट डेवलपमेंट लोन (SDL) के जरिए सीधे खुले बाजार से कर्ज ले सकेगी. यह कर्ज मौजूदा व्यवस्थाओं की तुलना में करीब 6 फीसदी तक कम ब्याज दर पर मिलेगा. इससे सरकार पर ब्याज का बोझ घटेगा और इसका फायदा दिल्ली की जनता को मिलेगा.

RBI से ऐतिहासिक समझौता
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:42 AM IST

दिल्ली: दिल्ली की आर्थिक व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. दरअसल, दिल्ली सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बीच हुए अहम समझौते के बाद अब राजधानी को पहली बार अपना स्वतंत्र बैंकिंग और वित्तीय प्रबंधन सिस्टम मिल गया है. इस करार से दिल्ली में विकास कार्यों के लिए धन जुटाना न केवल आसान होगा, बल्कि पहले की तुलना में काफी सस्ता भी पड़ेगा.

खुले बाजार से सस्ता कर्ज ले सकेगी दिल्ली
RBI के साथ हुए इस समझौते के तहत अब दिल्ली सरकार स्टेट डेवलपमेंट लोन (SDL) के जरिए सीधे खुले बाजार से कर्ज ले सकेगी. यह कर्ज मौजूदा व्यवस्थाओं की तुलना में करीब 6 फीसदी तक कम ब्याज दर पर मिलेगा. इससे सरकार पर ब्याज का बोझ घटेगा और इसका फायदा दिल्ली की जनता को मिलेगा. अब तक दिल्ली सरकार को कर्ज के लिए बैंकों और बॉन्ड पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस नई व्यवस्था के बाद वह निर्भरता खत्म हो जाएगी और वित्तीय निर्णय अधिक पारदर्शी और प्रभावी होंगे.

RBI निभाएगा बैंक और वित्तीय सलाहकार की भूमिका
समझौता ज्ञापन (MoU) के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक अब दिल्ली सरकार के लिए बैंक, ऋण प्रबंधक और वित्तीय एजेंट व सलाहकार के रूप में काम करेगा. इसके तहत बाजार से उधारी के साथ-साथ पेशेवर कैश मैनेजमेंट, अतिरिक्त नकदी का स्वचालित निवेश और कम लागत वाली तरलता सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी.

विकास योजनाओं को मिलेगी नई गति
इस वित्तीय सुधार से दिल्ली में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा सकेगा. समय पर धन उपलब्ध होने से परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी होंगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी. दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. इस मौके पर भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी, दिल्ली सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) बिपुल पाठक और मुख्य सचिव राजीव वर्मा उपस्थित रहे.

वित्तीय अनुशासन की नई शुरुआत
विशेषज्ञों के अनुसार यह समझौता दिल्ली को अन्य राज्यों के समान पूर्ण वित्तीय ढांचे में लाने वाला कदम है. इससे न केवल राजकोषीय अनुशासन मजबूत होगा, बल्कि राजधानी की आर्थिक साख भी बेहतर होगी. 

(रिपोर्टर: सुशांत मेहरा)

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