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Russia: शुरुआत करेंगे... श्री गणेश करेंगे! रूसी राजनयिक रोमन बाबुश्किन ने हिंदी में की बातचीत की शुरुआत

भारत में रूसी मिशन के उप प्रमुख रोमन बाबुश्किन ने हिंदी में मीडिया से बातचीत की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि शुरुआत करेंगे, श्री गणेश करेंगे. रोमन बाबुश्किन ने कहा कि वाशिंगटन भारत को मित्र देश कहता है, लेकिन दोस्त ऐसा व्यवहार नहीं करते.

Roman Babushkin
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 2:34 PM IST

रूस से सस्ता तेल खरीदने पर अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बम फोड़ा है. रूस ने भारत पर अमेरिकी दबाव को अनुचित बताया है. भारत में रूसी मिशन के उप प्रमुख रोमन बाबुश्किन ने कहा कि हमें भरोसा है कि बाहरी दबाव के बावजूद भारत-रूस ऊर्जा सहयोग जारी रहेगा. जब रोमन बाबुश्किन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत की तो उन्होंने हिंदी में इसकी शुरुआत की. बाबुश्किन के हिंदी बोलने पर हर कोई आश्चर्यचकित रह गया.
 
शुरुआत करेंगे... श्री गणेश करेंगे!
अमेरिकी टैरिफ बम के बीच भारत में रूसी मिशन के उप प्रमुख रोमन बाबुश्किन भारत के साथ अपने संबंधों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. इस दौरान रोमन ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हिंदी में की. उन्होंने मीडिया से बातचीत शुरू करते हुए कहा कि शुरुआत करेंगे, श्री गणेश करेंगे. रूस के वरिष्ठ राजनयिक के हिंदी में बातचीत की शुरुआत से हर कोई हैरान रह गया. हिंदी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत और रूस के संबंध कितने मजबूत हैं.

भारत पर अमेरिकी दबाव को बताया अनुचित-
रोमन बाबुश्किन ने साफ कहा कि भारत पर बनाया जा रहा अमेरिकी दबाव अनुचित है. उन्होंने कहा कि हमें भरोसा है कि बाहरी दबाव के बावजूद भारत-रूस ऊर्जा सहयोग जारी रहेगा. रक्षा क्षेत्र के लिए रूस भारत का पसंद से चुना हुआ पार्टनर है. रूसी राजनयिक ने कहा कि वाशिंगटन भारत को मित्र देश कहता है, लेकिन दोस्त ऐसा व्यवहार नहीं करते.

ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता पैदा होती है- रूस
रोमन ने कहा कि रूस तेल का सबसे बड़ा उत्पादक है और भारत सबसे बड़ा उपभोक्ता है. किसी भी तरह के एकतरफा कार्रवाई से आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान, मूल्य निर्धारण नीतियों में असंतुलन और ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता पैदा होती है. इससे विकासशील देशों की ऊर्जा सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है. उन्होंने कहा कि मान लिया जाए कि भारत रूस से तेल लेने से इनकार कर देता है तो इससे पश्चिम के साथ समान सहयोग नहीं हो पाएगा, क्योंकि ये पश्चिम के स्वभाव में है.

पश्चिम आलोचना करता है तो सब ठीक है- रूस
रोमन बाबुश्किन ने कहा कि अगर पश्चिम आपकी आलोचना करता है तो इसका मतलब है कि आप सब कुछ ठीक कर रहे हैं.. हम भारत के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बारे में जानते हैं. यह सच्ची रणनीतिक साझेदारी है, जिसका हम आनंद ले रहे हैं. चाहे कुछ भी हो जाए, चुनौतियों के दौरान भी, हम किसी भी समस्या को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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