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Saharanpur Hosiery Industry Kanwar Yatra: कांवड़ यात्रा से सहारनपुर के होजरी उद्योग को पंख, 70 करोड़ के कारोबार की उम्मीद, AI से बन रहे नए डिजाइन

कांवड़ यात्रा के चलते सहारनपुर का होजरी उद्योग रफ्तार पकड़ चुका है. बच्चों की ड्रेस की मांग बढ़ी है, AI डिजाइन लोकप्रिय हैं और इस बार ₹50-70 करोड़ से ज्यादा कारोबार की उम्मीद है.

AI डिजाइन वाले ड्रेस
राहुल कुमार
  • सहारनपुर ,
  • 26 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:32 PM IST

सहारनपुर में कांवड़ यात्रा का सीजन शुरू होते ही होजरी उद्योग पूरी रफ्तार से काम कर रहा है. होजरी मैन्युफैक्चरर संगठन के कोषाध्यक्ष वैभव कंबोज का कहना है कि हर साल कांवड़ यात्रा का दायरा बढ़ रहा है, जिसकी बड़ी वजह प्रशासन की बेहतर व्यवस्थाएं हैं. उनका कहना है कि अब हर उम्र के लोग कांवड़ यात्रा से जुड़ रहे हैं और यही कारण है कि बच्चों के लिए कांवड़ ड्रेस की मांग में भी लगातार इजाफा हुआ है.

बच्चों की ड्रेस की मांग में बड़ा इजाफा
वैभव कंबोज के अनुसार, जहां पहले बच्चों के लिए सीमित संख्या में कांवड़ ड्रेस तैयार की जाती थीं, वहीं अब कुल उत्पादन का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा बच्चों की ड्रेस का हो गया है, जबकि 70 प्रतिशत ड्रेस बड़ों के लिए तैयार की जा रही हैं. उनका कहना है कि पिछले 10 वर्षों में बच्चों के लिए आने वाले ऑर्डर में काफी बढ़ोतरी हुई है.

इस बार 50 से 70 करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद
वैभव कंबोज के मुताबिक, कांवड़ सीजन के दौरान सहारनपुर का होजरी उद्योग हर साल लगभग 40 से 50 करोड़ रुपये का कारोबार करता रहा है, लेकिन इस बार कारोबार 50 से 70 करोड़ रुपये के पार पहुंचने की उम्मीद है. उनका मानना है कि बढ़ती मांग और लगातार मिल रहे ऑर्डर कारोबार को नई ऊंचाई तक ले जा सकते हैं.

AI और नए डिजाइनों ने बदली कांवड़ ड्रेस की तस्वीर
उन्होंने बताया कि बदलते समय के साथ कांवड़ ड्रेस के डिजाइन भी पूरी तरह बदल चुके हैं. अब कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से नए-नए डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं. शिव, पार्वती, गणेश और उनके बाल स्वरूप वाले प्रिंट युवाओं और बच्चों के बीच खासे लोकप्रिय हो रहे हैं, जिससे बाजार में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है.

कई राज्यों से मिल रहे हैं बड़े ऑर्डर
वैभव कंबोज ने बताया कि सहारनपुर में तैयार होने वाली कांवड़ ड्रेस की सप्लाई केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है. उत्तराखंड, हरियाणा, गोरखपुर, झांसी, वाराणसी, कानपुर के साथ-साथ मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल से भी अच्छी मात्रा में ऑर्डर मिल रहे हैं. इसके अलावा दिल्ली भी सहारनपुर के कारोबार का बड़ा बाजार है, जहां से यह माल पूरे देश के व्यापारियों तक पहुंचता है.

वैभव कंबोज ने क्या कहा?
वैभव कंबोज ने बताया कि प्रशासन के सहयोग और कांवड़ियों को मिल रही बेहतर सुविधाओं की वजह से हर साल अधिक लोग कांवड़ यात्रा में शामिल हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि पहले बच्चों के लिए इतनी ड्रेस तैयार नहीं होती थीं, लेकिन अब बड़े पैमाने पर बच्चों की ड्रेस के ऑर्डर मिल रहे हैं. उन्होंने बताया कि AI की मदद से नए डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं और शिव, पार्वती व गणेश के बाल स्वरूप वाले प्रिंट सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं. साथ ही उत्तराखंड, हरियाणा, गोरखपुर, झांसी, बनारस, कानपुर, इंदौर, भोपाल और दिल्ली समेत कई जगहों पर सहारनपुर से कांवड़ ड्रेस की सप्लाई की जा रही है. 
 

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