ISIS कनेक्शन के आरोप में BDS छात्र गिरफ्तार, पड़ोसियों ने छात्र की गिरफ्तारी पर जताई हैरानी

यूपी एटीएस ने मुरादाबाद से 15 मार्च को सहारनपुर निवासी बीडीएस छात्र हारिश अली को आतंकी संगठन ISIS से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया है. हारिश सहारनपुर के मानकमऊ गांव का रहने वाला है और उसका परिवार काफी शिक्षित है, जिसमें भाई बहन भी डॉक्टर हैं.

हारिश अली
gnttv.com
  • सहारनपुर,
  • 17 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:36 PM IST

सहारनपुर के मानकमऊ गांव में उस समय सन्नाटा पसरा हुआ है, जब से बीडीएस छात्र हारिश अली की यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तारी की खबर सामने आई है. आतंकी संगठन ISIS से कथित कनेक्शन के आरोप में मुरादाबाद से पकड़े गए इस छात्र के घर के बाहर फिलहाल ताला लगा हुआ है. परिवार का कोई भी सदस्य सामने आकर कुछ बोलने को तैयार नहीं है. मोहल्ले में पुलिस और मीडिया की आवाजाही के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है.

पड़ोसियों के अनुसार शांत स्वभाव का था छात्र
स्थानीय लोगों का कहना है कि हारिश अली बेहद शांत स्वभाव का लड़का था और ज्यादातर समय घर के अंदर रहकर पढ़ाई करता था. पड़ोसियों के मुताबिक, घर का गेट अकसर बंद रहता था और बिना फोन किए कोई अंदर बाहर नहीं आता जाता था. लोगों का यह भी कहना है कि परिवार शिक्षित और साधारण जीवन जीने वाला है, इसलिए इस तरह के आरोपों से हर कोई हैरान है.

15 मार्च को मुरादाबाद से हुई गिरफ्तारी
गौरतलब है कि यूपी एटीएस ने हारिश अली को 15 मार्च को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसियों के अनुसार वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त था. फिलहाल एजेंसियां उसके डिजिटल नेटवर्क और संपर्कों की जांच में जुटी हैं. वहीं गांव के लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं और सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं.

पड़ोसी का कहना
हारिश अली के पड़ोसी मोहम्मद याकूब का कहना है कि हारिश अली बहुत सीधा बच्चा है. इनके वालिद साहब किसान हैं और आईटीसी में नौकरी करते हैं. इनके दादा परदादा भी आईटीसी में नौकरी करते रहे हैं. यह बिल्कुल शरीफ खानदान है. हमें आज ही पता चला है कि इनकी गिरफ्तारी हुई है, लेकिन जिन संगठनों से जुड़ा बताया जा रहा है, वह सब गलत है. जब यह घर आता था, तो कभी भी घर से बाहर नहीं निकलता था. इनका गेट हमेशा बंद ही रहता था. न कोई अंदर जाता था, न बाहर आता था. अगर इनके घर में कोई आता भी था, तो वह फोन करके ही गेट खुलवाता था. मां बाप और तीन भाई बहन हैं, जो पढ़ रहे हैं या डॉक्टर बन चुके हैं.

यह जो बातें इनके बारे में बताई जा रही हैं, वह गलत हैं. हारिश अली का बड़ा भाई भी डॉक्टर है और उनकी बहन भी डॉक्टर है. जब भी ये लोग घर आते हैं, तो दिखाई नहीं देते, क्योंकि घर में रहकर अपनी पढ़ाई और काम करते हैं. यहां जब मीडिया आई, तब मोहल्ले में इस बारे में पता चला.

(रिपोर्ट- राहुल कुमार)
 

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