समस्तीपुर जिले के दो प्रखंड मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर में कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. इन प्रखंडों की करीब 2 लाख की आबादी भय के साये में जीने को मजबूर हो गई है. 18 विद्यालयों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हो गया है. गंगा नदी खतरे के निशान से 1.50 मीटर ऊपर बह रही है. सरकारी नाव चलने लगी हैं. समस्तीपुर के डीएम रोशन कुशवाहा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद अधिकारियों को रोडमैप तैयार करने का निर्देश जारी किया है.
बता दें कि मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र में गंगा नदी और सहायक बाया नदी के जलस्तर में लगातार तेजी से वृद्धि हो रही है. इस वजह से दोनों प्रखंडों की 20 से अधिक पंचायतों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. रात को बाढ़ का पानी बढ़ जाने के डर से करीब दो लाख की आबादी भय के साये में जीने को मजबूर हो गई है. कुछ गांवों और सड़कों पर पानी पहुंचने से आवागमन प्रभावित हो गया है. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, दलसिंहसराय के अनुसार बुधवार को गंगा नदी का जलस्तर 47.00 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.50 मीटर ऊपर है. सोमवार को जलस्तर 46.50 मीटर तथा मंगलवार को 46.80 मीटर था. जलस्तर में वृद्धि की प्रवृत्ति जारी है. सरकारी मानक के अनुसार 48.50 मीटर जलस्तर पहुंचने पर क्षेत्र को पूर्ण बाढ़ प्रभावित घोषित किए जाने की स्थिति बन जाएगी.
18 विद्यालयों में बाढ़ का पानी घुसा
गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ गया है. मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के करीब 18 विद्यालयों में बाढ़ का पानी घुस गया है. इनमें महावीर स्थान चकला, मनियर, सरहद भैरव, हजरतपुर, मस्तलीपुर, दुबहा कन्या, बोचहा, पतसिया, बाबापट्टी चापर, धरनीपट्टी पश्चिम, हरिदासपुर नवीन, सरसावा और नवघरिया सहित अन्य विद्यालय शामिल हैं.
प्रभावित विद्यालयों में पठन-पाठन बाधित होने के कारण छात्रों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दूसरे विद्यालयों में स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है. कई सड़कों पर बाढ़ का पानी चढ़ने के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में नाव परिचालन शुरू कर दिया है. मोहिउद्दीननगर में फिलहाल 17 स्थानों पर नाव चलाई जा रही है.
डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया, अधिकारियों को कैंप मोड में कार्य करने का निर्देश
समस्तीपुर के डीएम रोशन कुशवाहा ने मोहिउद्दीननगर एवं मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और कई स्थलों का निरीक्षण भी किया. इस क्रम में डीएम ने बाढ़ की वर्तमान स्थिति, जलस्तर, आवागमन, तटबंधों की सुरक्षा और आमजन को उपलब्ध कराई जा रही आवश्यक सुविधाओं के बारे में जानकारी ली. निरीक्षण के क्रम में डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारी, पटोरी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर, अंचलाधिकारी के साथ बाढ़ प्रमंडल के अभियंताओं को बाढ़ की स्थिति पर सतत एवं कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया. डीएम रोशन कुशवाहा ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन पूरी तरह सजग रहे और किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति उत्पन्न होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजनों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े.
डीएम ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को कैंप मोड में कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित रहे तथा स्थानीय स्तर पर प्राप्त होने वाली समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए. उन्होंने तटबंधों एवं संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी करने तथा आवश्यकता के अनुसार सुरक्षात्मक एवं निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश बाढ़ प्रमंडल के अभियंताओं को दिया.
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