पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में प्रचंड जीत के बाद शनिवार को बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का राजतिलक हुआ. शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री बने. उन्हें बंगाल के राज्यपाल ने शपथ दिलाई. कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सीएम शुभेंदु के साथ 5 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली. शुभेंदु अधिकारी के साथ दिलीप घोष ने मंत्री पद की शपथ ली. अग्निमित्रा पॉल ने भी मंत्री पद की शपथ ली. अशोक कीर्तनिया ने भी मंत्री पद की शपथ ली. खुदीराम टुडू भी मंत्री बने. निसिथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली.
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता और हजारों कार्यकर्ता शमिल हुए. आपको मालूम हो कि भाजपा ने 294 सदस्यों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में 207 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की है. इसके साथ ही ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का 15 साल पुराना शासन खत्म हो गया है. टीएमसी इस बार सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई है. शुभेंदु अधिकारी ने शपथ से पहले ही साफ कर दिया था अब बंगाल में मैं नहीं हम सब मिलकर सरकार चलाएंगे. भाजपा के लिए यह शपथ ग्रहण केवल एक संवैधानिक औपचारिकता नहीं रहा बल्कि पार्टी इसे बंगाल में अपने राजनीतिक विस्तार की जीत के रूप में देख रही है.
पीएम मोदी ने बुजुर्ग कार्यकर्ता के पैर छुए
पीएम मोदी ने मंच पर सबके सामने पार्टी कार्यकर्ता माखनलाल सरकार के छुए पैर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में एक कार्यकर्ता को शॉल देकर सम्मानित किया और फिर उनके पैर छुए. पीएम मोदी ने जिन माखनलाल सरकार के पैर छुए वे सिलिगुड़ी से आते हैं. उनकी उम्र 96 साल है और नॉर्थ बंगाल में बीजेपी को आगे बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है. वे बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं.
शुभेंदु दो बार दे चुके हैं ममता को मात
आपको मालूम हो कि लगभग 6 साल पहले बंगाल बीजेपी में शुभेंदु अधिकारी की एंट्री हुई थी. गृहमंत्री अमित शाह ने खुद उनका हाथ पकड़कर उन्हें बीजेपी में शामिल कराया था और 2026 में शुभेंदु बंगाल में बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा बन गए. शुभेंदु अधिकारी बंगाल में बीजेपी के जायंट किलर हैं, जिन्होंने दो बार लगातार सीटिंग सीएम ममता बनर्जी को चुनावों में मात दी है. उन्होंने 2021 में नंदीग्राम में ममता को हराया और 2026 में भवानीपुर में शिकस्त दी. शुभेंदु अधिकारी पिछले पांच दशकों में बंगाल के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो कोलकाता के बजाय ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं. वह पूर्व मेदिनीपुर जिले के रहने वाले हैं. उनसे पहले 1970 में अजय मुखर्जी ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मुख्यमंत्री थे.
शुभेंदु अधिकारी का बढ़ा राजनीतिक कद
पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार के गठन के साथ ही शुभेंदु अधिकारी का राजनीतिक कद और मजबूत हो गया है. शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के सीएम बन गए हैं. करीब तीन दशक से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय शुभेंदु अधिकारी को राज्य की राजनीति का अनुभवी और प्रभावशाली चेहरा माना जाता है. उनके पास 20 वर्षों से अधिक का विधायी अनुभव है. वह दो बार लोकसभा सांसद, तीन बार विधायक और पिछले पांच वर्षों तक पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं. इसके अलावा वह तीन बार पार्षद और कांथी नगरपालिका के चेयरमैन भी रह चुके हैं.