एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंचा युवक, डॉक्टर को गुटका चबाते देख डायल किया 112, फिर जो हुआ...

उत्तर प्रदेश के इटावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार को उस वक्त हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब राजस्थान के सीकर निवासी अशोक मीणा बंदर के काटने के बाद एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे.

एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंचा युवक, डॉक्टर को गुटका चबाते देख डायल किया 112
gnttv.com
  • इटावा,
  • 09 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:56 AM IST

इटावा के जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवा में रविवार को एक युवक और डॉक्टर के बीच विवाद हो गया. राजस्थान के सीकर जिले के खाटूश्याम निवासी अशोक मीणा निजी काम से लखनऊ गए थे. वहां से वह ट्रेन से वापस इटावा पहुंचे थे. शाम करीब सवा 4 बजे उन्हें इटावा रेलवे स्टेशन जंक्शन से राजस्थान के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी थी. इसी दौरान स्टेशन के बाहर सामान खरीदने जाते समय एक बंदर ने उनके बाएं हाथ पर काट लिया.

एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंचे
घटना के बाद अशोक मीणा दोपहर करीब तीन बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे. वह वहां एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए इलाज कराने आए थे. उनका कहना है कि जब उन्होंने इलाज के लिए डॉक्टर से बात की, तो सामने बैठे डॉक्टर तंबाकू खाकर बार-बार थूक रहे थे, जिससे उन्हें काफी बुरा लगा. अशोक मीणा का आरोप है कि इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद डॉ. राहुल बाबू मसाला खाकर ड्यूटी कर रहे थे. इसी बात को लेकर मरीज और डॉक्टर के बीच बहस शुरू हो गई.

मरीज का कहना है कि जब उन्होंने डॉक्टर को मसाला खाकर ड्यूटी करने पर टोका, तो डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया और कहा कि जो करना हो कर लो. इसके बाद दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई.

मरीज ने डायल 112 पर पुलिस बुलाई
विवाद बढ़ने पर अशोक मीणा ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुला ली. मौके पर पहुंची पुलिस ने डॉक्टर से पूछताछ की और मरीज से कहा कि वह इंजेक्शन लगवाकर चला जाए. हालांकि मरीज ने यह कहते हुए इंजेक्शन लगवाने से मना कर दिया कि डॉक्टर उसे जहर का भी इंजेक्शन लगा सकते हैं.

पुलिस से भी हुई बहस
इसके बाद अशोक मीणा पुलिसकर्मियों से भी उलझ गए. उन्होंने दोबारा डायल 112 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई और कहा कि मौके पर आए पुलिसकर्मी से वह संतुष्ट नहीं हैं और पुलिसकर्मी भी डॉक्टर से मिले हुए हैं. हालांकि पुलिस ने युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना.

इमरजेंसी में आधे घंटे तक हंगामा
करीब आधे घंटे तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हंगामा चलता रहा. इस दौरान वहां मौजूद अन्य मरीजों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. आखिर में पुलिस उस युवक को अपने साथ वापस ले गई.

पीड़ित का बयान
पीड़ित अशोक मीणा ने बंदर के काटे हुए हाथ को दिखाते हुए कहा, 'मैं राजस्थान का रहने वाला हूं. मेरे हाथ में इटावा स्टेशन पर बंदर ने काट लिया. जब मैं यहां अस्पताल पहुंचा तो सामने बैठे डॉक्टर ने मेरे साथ बदतमीजी की. उन्होंने मेरे सामने तीन बार गुटखा खाकर थूका. जब मैंने उन्हें मना किया तो उन्होंने कहा कि जो करना हो कर लो. इसके बाद मैंने 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया. अब मैं इंजेक्शन नहीं लगवाऊंगा और मैं संतुष्ट नहीं हूं'. 

(रिपोर्ट- अमित कुमार तिवारी)

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