Kritika Mishra IAS Story: UPSC सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है. वहीं हिन्दी मिडियम वालों के लिए तो ये और बड़ी चुनौती है. लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर की कृतिका मिश्रा ने इन सभी चुनौतियों को पार करते हुए ये साबित कर दिखाया कि जब लगन और मेहनत से कोई काम किया जाए तो आपको कोई नहीं रोक सकता. तो आइए जानते हैं हिंदी मीडिया में यूपीएससी एग्जाम में टॉप करने वाली कृतिका मिश्रा कृतिका की कहानी.
कृतिका मिश्रा का IAS अधिकारी बनने का सफर दृढ़ता, धैर्य और बेहतरीन तैयारी की कहानी है. कॉलेज लेक्चरर की बेटी होने के नाते, उनका पालन-पोषण शैक्षणिक माहौल में हुआ. कृतिका मिश्रा ने अपने दूसरे प्रयास में न केवल यूपीएससी परीक्षा पास की, बल्कि 66वीं रैंक के साथ हिंदी माध्यम की टॉपर भी बनीं
बिना कोचिंग IAS
IAS कृतिका मिश्रा ने UPSC के पहले प्रयास में प्री और मेंस परीक्षा में सफलता तो प्राप्त कर ली लेकिन इंटरव्यू में उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा. लेकिन वे इस असफलता से हताश नहीं हुई और उन्होंने दोबारा से इस एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी. अगले वर्ष यानि कि 2022 में उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर 66वीं रैंक हासिल कर आईएएस जैसा पद हासिल किया. कृतिका मिश्रा ने बिना किसी कोचिंग के, सिर्फ यूट्यूब और किताबों के सहारे उन्होंने यह मुकाम हासिल किया. कृतिका ने 12वीं से लेकर ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई आर्ट्स स्ट्रीम से की है.
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कृतिका की यह कहानी हिंदी माध्यम से संघर्ष की मिसाल है. 2023 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अपने दूसरे प्रयास में एआईआर 66 हासिल कर उन्होंने पूरे हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों का मान बढ़ाया.
कौन हैं कृतिका मिश्रा
कृतिका मिश्रा का जन्म कानपुर में हुआ और उनकी शुरुआती पढ़ाई भी वहीं हुई. कृतिका के पिता दिवाकर मिश्रा विशंभर नाथ सनातन धर्म इंटर कॉलेज, चुन्नीगंज, कानपुर में लेक्चरर हैं और छोटी बहन मुदिता मिश्रा हिंदी साहित्य में पीएचडी कर रही हैं. सिविल सेवा में जाने का फैसला करने पर कई लोगों ने उन्हें अंग्रेजी माध्यम चुनने की सलाह दी. लेकिन कृतिका ने हिंदी का दामन नहीं छोड़ा.
महाकुंभ में मिला जीवन साथी
IAS कृतिका मिश्रा उनके साथी IAS अधिकारी अंकुर त्रिपाठी की प्रेम कहानी भी बड़ी रोमांचक है. दोनों की मुलाकात प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान हुई थी. हालांकि, इससे पहले दोनों मसूरी स्थित LBSNAA में फाउंडेशन कोर्स के दौरान भी मिल चुके थे. 2022 की परीक्षा पास करने के बाद अमेठी के अंकुर त्रिपाठी को IPS बनने का मौका मिला था. 2024 की परीक्षा में 50वीं रैंक हासिल कर अंकुर त्रिपाठी आईएएस अफसर बन गए.
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