सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की नियुक्ति होगी. SC कॉलेजियम ने दो जजों के नामों की सिफारिश सरकार को भेज दी है. कॉलेजियम ने सरकार से जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस जमशेद पारदीवाला को सुप्रीम कोर्ट में प्रोन्नत करने की सिफारिश की है. जस्टिस धूलिया गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हैं जबकि जस्टिस पारदीवाला गुजरात हाईकोर्ट के जज हैं. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में जजों के दो पद खाली हैं. अभी SC में 32 जज हैं.
कौन हैं जस्टिस सुधांशु धूलिया-
जस्टिस सुधांशु धूलिया पौड़ी जिले के दूरस्थ मदनपुर गांव से हैं. उनके दादा बीडी धूलिया स्वतंत्रता सेनानी थे. उन्होंने कोटद्वार से एक साप्ताहिक अखबार कर्मभूमि निकाला था. जस्टिस धूलिया के पिता केसी धूलिया इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज रह चुके हैं. जस्टिस धूलिया के दो भाई भी हैं, जिन्होंने खूब नाम कमाया है. पहले हैं मशहूक फिल्म निदेशक तिग्मांशू धूलिया और बड़े भाई हिमांशू धूलिया नेवी से रिटायर हुए हैं.
जस्टिस धूलिया जनवरी 2021 से गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हैं. जस्टिस धूलिया ने साल 1986 में एलएलबी की डिग्री ली और इलाहाबाद में प्रैक्टिस की. उत्तराखंड के नैनीताल में हाईकोर्ट बनने के बाद धूलिया ने वहां प्रक्टिस शुरू की. साल 2004 में जस्टिस सुधांशु धूलिया को वरिष्ठ अधिवक्ता मनोनीत किया गया. इसके बाद साल 2008 में उनको उत्तराखंड हाईकोर्ट में परमानेंट जज बनाया गया. अगर जस्टिस धूलिया सुप्रीम कोर्ट में जाते हैं तो उत्तराखंड हाईकोर्ट से SC में प्रोन्नत होने वाले दूसरे जज होंगे.
कौन हैं जस्टिस जमशेद पारदीवाला-
जस्टिस जमशेद पारदीवाला ने साल 1988 में वलसाड के केएम लॉ कॉलेज से लॉ की डिग्री हासिल की. पारदीवाला वकीलों के परिवार से आते हैं. उनके परदादा नवरोजजी पारदीवाला भी वकील थे. जबकि उनके दादा साल 1929 में बार में शामिल हुए. जस्टिस पारदीवाला के पिता साल 1955 में वकालत शुरू की. अगर जस्टिस पारदीवाला सुप्रीम कोर्ट में आते हैं तो वो SC में चौथे पारसी जज होंगे. इसके साथ ही साल 2028 में जस्टिस पारदीवाला चीफ जस्टिस बन सकते हैं. अगर वो SC में जज बनते हैं तो साल 2017 में जस्टिस सैयद अब्दुल नजीर की नियुक्ति के बाद पहली बार कोई अल्पसंख्यक समुदाय से सुप्रीम कोर्ट में जज होगा.
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